नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बावजूद देश में कहीं भी किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं किया। अपने ब्लॉग में विचार साझा करते हुए श्री पुरी ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा क्षमता को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त क्षमताएं विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऊर्जा उपभोक्ताओं को किसी भी नकारात्मक प्रभाव से प्रभावी ढंग से बचाया।
उन्होंने कहा कि देश कच्चे तेल का 85 प्रतिशत से अधिक आयात करने वाले देश से एक ऐसे देश में परिवर्तित हो गया है जिसके पास 24 रिफाइनरियां, 47 हजार किलोमीटर से अधिक तेल और गैस पाइपलाइनें और एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप हैं जो प्रतिदिन लगभग आठ करोड़ लोगों को सेवा प्रदान करते हैं। श्री पुरी ने कहा कि युद्ध के दौरान 12 से अधिक भारतीय एलपीजी जहाजों को बिना किसी शुल्क के होर्मुज से बाहर जाने दिया गया, जो किसी भी देश के लिए सबसे बड़ी संख्या है। श्री पुरी ने कहा कि संकट के दौरान, देश के कच्चे तेल के आयातकों की संख्या 27 देशों से बढ़कर 41 हो गई और आयात टर्मिनलों की संख्या दोगुनी हो गई।

















