नई दिल्ली। कांगो में इबोला वायरस के इलाज के लिए दो संभावित दवाओं का क्लीनिकल परीक्षण शुरू हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने बताया कि इस परीक्षण में पहले मरीज को शामिल कर लिया गया है। इस अध्ययन के तहत इबोला वायरस के इलाज के लिए दो दवाओं की प्रभावशीलता की जांच की जाएगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मौजूदा प्रकोप में अब तक 438 लोगों की मौत हो चुकी है और एक हजार 406 मामलों की पुष्टि हुई है। बुंडीबुग्यो वायरस इबोला वायरस परिवार का एक दुर्लभ और घातक प्रकार है।
यह वायरस तेजी से फैलता है और इसके लिए अभी तक कोई स्वीकृत टीका या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है। यह क्लीनिकल परीक्षण विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें कांगो, बेल्जियम और ब्रिटेन के वैज्ञानिक शामिल हैं।

















