नई दिल्ली। भारत ने फिर दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसका अभिन्न अंग हैं। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर में हो रहे अत्याचारों और सीमा पार आतंकवाद के लिए क्षेत्र के इस्तेमाल पर ध्यान देना चाहिए।
श्री जायसवाल ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में भारत और अफ़गानिस्तान के बीच कई बार बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि अफ़गानिस्तान के कई मंत्रियों के भारत दौरों से विकास, सहयोग, व्यापार और आवाजाही के क्षेत्रों में साझेदारी मज़बूत हुई है। उन्होंने कहा कि अफ़गानिस्तान के साथ भारत के पुराने संबंध हैं और वह इन संबंधों को और मज़बूत करने की उम्मीद करता है।
बांग्लादेश में ऊर्जा संकट के बीच भारत से अतिरिक्त डीज़ल की मांग पर, श्री जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश को डीज़ल की आपूर्ति के लिए पहले से ही व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि डीज़ल की अतिरिक्त मांग पर भारत की अपनी ज़रूरतों, रिफाइनिंग क्षमता और देश में डीज़ल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान को द्विपक्षीय यात्रा के लिए निमंत्रण भेजा है। उन्हें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र के लिए भी भारत आने का निमंत्रण दिया गया है।
विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम – एफ.सी.आर.ए पर श्री जायसवाल ने फिर दोहराया कि भारत से जुड़े विधायी मामले आंतरिक मामले हैं जिन पर संसद फ़ैसला करेगी।
श्री जायसवाल ने कोलंबिया में भूकंप के कारण जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत ने आज कोलंबिया को 20 मीट्रिक टन राहत सामग्री भेजी है। इसमें दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और राहत कार्यों में मददगार कई अन्य उपकरण शामिल हैं।














