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Friday, July 17, 2026


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फर्जी आईपीएस ऑफिसर चढ़ा दून पुलिस के हत्थे, खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर अभियुक्त ने कई लोगो के साथ कि थी जालसाजी

देहरादून। राजधानी देहरादून में पुलिस ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव के बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह खुद को गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों को झांसा देता था और इसी बहाने ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस के मुताबिक दिल्ली निवासी एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी यशवर्धन ने ऊंचे सरकारी संपर्कों और प्रभावशाली पहचान का दावा कर उससे करीब साढ़े चार लाख रुपये ले लिए। इतना ही नहीं, आरोपी लगातार और धन की मांग भी कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग मौकों पर अपनी पहचान बदलकर लोगों का विश्वास जीतता था। कभी वह गृह मंत्रालय का अधिकारी बनता, कभी रक्षा मंत्रालय से जुड़ा अफसर तो कभी सेना का वरिष्ठ अधिकारी होने का दावा करता था। पुलिस को उसके खिलाफ होटलों में ठहरने के बाद बिल नहीं चुकाने और कर्मचारियों व सुरक्षा गार्डों के साथ भी धोखाधड़ी करने की जानकारी मिली है। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सेना की वर्दी, बैज, कैप और वॉकी-टॉकी बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि इन सामानों का इस्तेमाल वह लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए करता था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य पीड़ित भी सामने आ सकते हैं।
अभियुक्त द्वारा स्वयं को फर्जी अधिकारी बताकर लोगों के साथ कि जा रही धोखाधड़ी की घटना की गंभीरता के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु दिए गए निर्देशों पर  तत्काल थाना राजपुर पर पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा उक्त दोनों अभियोगों में त्वरित साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए दोनो घटनास्थलों का निरीक्षण कर उसके आसपास तथा आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरो की फुटेज का अवलोकन कर आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई तथा प्राप्त जानकारी व साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम द्वारा धोखाधड़ी की घटना में शामिल अभियुक्त यशोवर्धन को दौराने चेकिंग सीएसआई तिराहा मसूरी रोड से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उसके पिता वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी है तथा बचपन से उसका सपना अधिकारी बनने का था।  बचपन से अपने पिता के साथ रहने के दौरान उसने वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाली पावर व सुविधा देखी थी। उसके मन में बचपन से ही वरिष्ठ अधिकारी बनने का सपना था। उसने कई सालों तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की किंतु उक्त परीक्षा में वह सफल नहीं हो पाया। असफलता हाथ लगने पर उसने खुद को फर्जी आईपीएस व अन्य एजेंनसीयों का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों पर अपना रौब झाड़ने लगा।  आमजन व भोले भाले लोगों को वह अपने पद का प्रभाव डालकर उनको नौकरी दिलवाने अथवा उनके टेंडर व अन्य काम जल्दी करवाने के नाम पर लाखों रुपए की जालसाजी व धोखाधड़ी करने लगा। उसके बात करने का तरीका तथा उसकी यूनिफॉर्म व फर्जी आई कार्ड देखकर लोग उस पर आसानी से भरोसा कर लेते थे। इसी का फायदा उठाकर वह सालों से कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है।

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