नई दिल्ली। भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता लागू होने के पहले दिन भारत से ब्रिटेन को 14 करोड़ डॉलर का सामान निर्यात किया जा रहा है। नई दिल्ली में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के विजन के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि यह सबसे महत्वाकांक्षी और बड़े व्यापार समझौतों में से एक है। इससे दोनों पक्षों के लिए बाजार पहुंच के नए अवसर उपलब्ध होंगे। श्री अग्रवाल ने कहा कि इससे न केवल देश के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आने वाले दिनों में सेवाओं को भी गति मिलेगी।
भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए बहुत फायदेमंद है। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष ए. शक्तिवेल ने बताया कि इस समझौते के कारण डेढ़ साल में निर्यात दोगुना हो जाएगा।
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के अधिकारी तरुण बजाज ने बताया कि यह समझौता कृषि और प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए लाभकारी होगा। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के कार्यकारी निदेशक सब्यसाची राय ने कहा कि इस समझौते से रत्न और आभूषण क्षेत्र को बहुत लाभ होगा।
भारतीय कृषि और खाद्य परिषद के कार्यकारी निदेशक संजय सेठी ने बताया कि यह समझौता कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देगा। भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ की महासचिव चंद्रिमा चटर्जी ने कहा कि समझौते से वस्त्र क्षेत्र को बहुत आशाएं हैं।

















