नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने आज कहा कि दिल्ली में हाल ही में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित कार्रवाई और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिंसा के आरोपों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के अलावा पूर्व पुलिस महानिदेशक और पूर्व सीबीआई निदेशक शामिल होंगे।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि समिति के अन्य सदस्यों के नाम पर विभिन्न पक्षों से सुझाव मिलने के बाद कल आदेश जारी किया जाएगा। समिति तथ्यों की जांच करेगी और उसे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि समिति महिला प्रदर्शनकारियों से जुड़े यौन उत्पीड़न और ऑनलाइन उत्पीड़न के आरोपों तथा सोशल मीडिया के जरिए अन्य संवेदनशील लोगों को निशाना बनाए जाने के मामलों की भी जांच करेगी। अदालत ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा से संबंधित वीडियो फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग समिति को सौंपी जाएंगी। शीर्ष अदालत छात्र संगठन कॉकरोच जनता पार्टी-सीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिंसा के आरोपों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

















