नई दिल्ली। ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक का समापन आज आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में हो गया। इसमें ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणा पत्र सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। घोषणा पत्र में संवाद, परस्पर सम्मान और समग्रता से ब्रिक्स देशों के बीच खेलों में सहयोग सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स बैठक 2026 के अंतर्गत सदस्य देशों के खेल मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने खेल विकास, युवा भागीदारी तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहन देने के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने अपने शुरुआती उद्बोधन में व्यावहारिक और सतत सहयोग के साथ ब्रिक्स खेल भागीदारी का निर्माण करने का आह्वान किया। उन्होंने खिलाडियों और प्रशिक्षकों के आदान-प्रदान, संयुक्त प्रतिस्पर्धा और खेल विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी साझा करने का प्रस्ताव किया।
डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेल परिवेश में परिवर्तन कर रहा है और पोडियम से प्लेग्राउंड तक अवसरों का सृजन कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने पैरा-खेल और खेलों में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए हैं।
भारत की अध्यक्षता में तीन प्रमुख पहल को आगे बढाया गया है। इनमें खेल प्रौद्योगिकी पर ब्रिक्स कार्यकारी समूह, खेल विज्ञान पर फोकस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तथा नवम्बर में उदयपुर में होने वाले ब्रिक्स खेल विनिर्माण सम्मेलन शामिल हैं। इसके अलावा, अक्टूबर में अहमदाबाद में परम्परागत और स्वदेशी खेल प्रदर्शन प्रतिस्पर्धा का प्रस्ताव किया गया है। बैठक के दौरान खेल वस्तु विनिर्माण को मजबूत करने तथा मेक इन इंडिया पहल के तहत वैश्विक निवेश आकर्षित करने की भारत की योजना का भी उल्लेख किया गया।

















