नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल आज चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे। वे कल चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वांग यी के साथ भारत-चीन सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की 25वें दौर की वार्ता में शामिल होंगे।
मीडिया को जानकारी देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बताया कि श्री डोभाल और श्री वांग सीमा मुद्दे के साथ-साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे।
वर्ष 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प और पूर्वी लद्दाख में लंबे समय तक चले सैन्य गतिरोध के बाद भारत और चीन के संबंधों में काफी तनाव आया था। हालांकि, इसके बाद दोनों देशों ने संबंधों को स्थिर करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
श्री डोभाल और श्री वांग सीमा वार्ता तंत्र के लिए नियुक्त विशेष प्रतिनिधि हैं। यह तंत्र वर्ष 2003 में भारत-चीन के बीच तीन हजार चार सौ किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा के विवाद का व्यापक समाधान निकालने के लिए बनाया गया था।
चीन में विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता से पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शनिवार को दोहराया कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता चीन के साथ अच्छे संबंधों के लिए आवश्यक है। अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात करेंगे।

















