नई दिल्ली। भारतीय चीनी और जैव ऊर्जा उत्पादक संघ- आई.एस.एम.ए के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि देश में चीनी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि घबराहट और सट्टेबाजी में कमी के साथ ही चीनी की कीमतों में कमी आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि पिछले 20 दिनों में चीनी की कीमतों में वृद्धि सट्टेबाजी और घबराहट के कारण हुई थी। श्री बल्लानी राष्ट्रीय राजधानी में आई.एस.एम.ए के संवाददाता सम्मेलन के दौरान एक समाचार एजेंसी से बात कर रहे थे। उन्होंने बल देकर कहा कि देश में चीनी की भौतिक उपलब्धता में कोई समस्या नहीं है। इथेनॉल के मुद्दे पर, उन्होंने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि चीनी को इथेनॉल में बदलने के कारण हाल ही में कीमतों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि घरेलू खपत हमारी प्राथमिकता है।
आई.एस.एम.ए के अध्यक्ष नीरज शिरगाओकर ने कहा कि एसोसिएशन ने व्यापारियों के लिए चीनी रखने की सीमा को चार सौ टन से घटाकर दो सौ टन करने की मांग की है ताकि खुदरा बाजार में अधिक भंडार उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले चार से छह महीनों में कई उपाय किए हैं, जिनमें चीनी मिलों में भंडार का भौतिक सत्यापन और व्यापारियों, संस्थागत खरीदारों और थोक उपभोक्ताओं पर नियंत्रण शामिल है। श्री शिरगाओकर ने कहा कि सरकार ने पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर 10 लाख टन चीनी के आयात की घोषणा की है।

















