12.5 C
Dehradun
Saturday, January 17, 2026


हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक बार फिर PCCF पद पर चार्ज लेने पहुंचे राजीव भरतरी

देहरादून: हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आज वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी राजीव भरतरी प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) के पद पर चार्ज लेने वन मुख्यालय पहुंच गए हैं। इसके बाद से ही मुख्यालय मे हलचल मची हुई है। दरअसल, हाईकोर्ट ने सरकार को मंगलवार सुबह 10 बजे तक राजीव भरतरी को प्रमुख वन संरक्षक का पदभार सौंपने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार की उलझन बढ़ गई है।

खास बात यह है कि आज महावीर जयंती पर सरकारी छुट्टी है। ऐसे में यह पहेली बन गया है कि छुट्टी के दिन भरतरी को हॉफ की कुर्सी पर बैठाया जाएगा कि नहीं। वन विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी मुख्यालय में पहुंचे हैं, लेकिन जब तक शासन से कोई आदेश पारित नहीं हो जाते तब तक वे कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं।

राजीव भरतरी का कहना है कि वह हाईकोर्ट के निर्देशानुसार ठीक 10 बजे वन मुख्यालय में चार्ज लेने के लिए पहुंच चुके हैं, लेकिन अभी तक शासन स्तर से या मुख्यालय स्तर से उन्हें अटेंड नहीं किया गया है। 21 फरवरी को कैट इलाहाबाद की नैनीताल स्थित सर्किट बेंच ने राजीव भरतरी को प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) के पद से हटाए जाने और उनके स्थान पर विनोद कुमार सिंघल को नियुक्त किए जाने के मामले में सुनवाई के बाद अपना फैसला भरतरी के पक्ष में दिया था।

कैट ने भरतरी का तबादला करने के आदेश पर रोक लगाते हुए सरकार को उन्हें तत्काल प्रभाव से उसी पद पर बहाल करने के आदेश दिए थे। इसके बाद 21 मार्च को सरकार की ओर से भी कैट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई, जिसे कैट ने निरस्त कर दिया। यह सरकार के लिए दूसरा बड़ा झटका था। इसके बाद पीसीसीएफ सिंघल की ओर से कैट में व्यक्तिगत रूप से पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई, लेकिन उन्हें भी कोई राहत नहीं मिल पाई। कैट के तीन आदेश के बाद सरकार की ओर से इस मामले में शीघ्र निर्णय लिए जाने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अब जब हाईकोर्ट ने भरतरी को हॉफ की कुर्सी सौंपे जाने के स्पष्ट आदेश दे दिए हैं, ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा था कि सरकार इस मामले में अपना रूप स्पष्ट करते हुए कोई आदेश जारी करेगी। लेकिन देर रात तक भी असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। उधर, इस मामले शासन का रुख जानने के लिए प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

ये था मामला

मामले के अनुसार आईएफएस अधिकारी राजीव भरतरी ने याचिका दायर कर कहा था कि वह भारतीय वन सेवा के राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं, लेकिन सरकार ने 25 नवंबर 2021 को उनका स्थानांतरण प्रमुख वन संरक्षक पद से जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष पद पर कर दिया था, जिसे उन्होंने संविधान के खिलाफ माना। इस संबंध में उन्होंने सरकार को चार प्रत्यावेदन दिए, लेकिन सरकार ने इन प्रत्यावेदनों पर कोई सुनवाई नहीं की। राजीव भरतरी ने कहा कि उनका स्थानांतरण राजनीतिक कारणों से किया गया है, जिसमें उनके सांविधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा जारी, हिंदू शिक्षक के घर में लगाई आग

0
नई दिल्ली। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा जारी है। सिलहट के गोवाईंघाट में हिंदू शिक्षक बीरेंद्र कुमार डे के घर में आग लगा...

इंडिगो ने 3-5 दिसंबर की रद्द उड़ानों का किया पूरा रिफंड, ट्रैवल वाउचर भी...

0
नई दिल्ली। घरेलू विमान सेवा इंडिगो ने 3 से 5 दिसंबर के बीच रद्द हुई सभी उड़ानों के लिए प्रभावित यात्रियों का रिफंड पूरी...

बंगाल में निपाह वायरस से संक्रमित दो नर्सों में से एक की हालत ठीक,...

0
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस से संक्रमित दो नर्सों में से एक की हालत में सुधार हुआ है, जबकि दूसरी नर्स की स्थिति...

भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री धामी का प्रहार जारी, हरिद्वार में रिश्वत लेते जिला पूर्ति अधिकारी व...

0
हरिद्वार/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों एवं जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति के तहत प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार सख्त...

एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई : 40 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला ध्वस्तीकरण का बुलडोज़र

0
देहरादून: मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की...