नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को पेश होने वाले वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है। बोर्ड ने एक पत्र जारी करते हुए कहा है कि भाजपा के सहयोगी दलों और सांसदों सहित सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल वक्फ (संशोधन) विधेयक का कड़ा विरोध करें और इसके पक्ष में किसी भी परिस्थिति में मतदान न करें। एक्स पर पोस्ट में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने देश की सभी धर्मनिरपेक्ष और संसद सदस्यों से अपील की है कि जब कल संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया जाए तो वह न केवल इसका पुरजोर विरोध करें बल्कि इसके खिलाफ मतदान करके भाजपा सांप्रदायिक एजेंडे को नाकाम करें। उन्होंने कहा कि यह विधेयक न केवल भेदभाव और अन्याय पर आधारित है बल्कि भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों से संबंधित अनुच्छेद 14, 25 और 26 के सीधे खिलाफ है।
रहमानी ने कहा कि भाजपा इस विधेयक के ज़रिए वक्फ कानून को कमजोर करना चाहती है और वक्फ संपत्तियों को हड़पने तथा नष्ट करने का रास्ता साफ करना चाहती है। वैसे भी पूजा स्थल अधिनियम की मौजूदगी के बावजूद हर मस्जिद में मंदिर ढूंढने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। यदि यह संशोधन पारित हो गया तो वक्फ संपत्तियों पर सरकारी और गैर-सरकारी अवैध दावों की बाढ़ आ जाएगी और कलेक्टर तथा डीएम के माध्यम से इन्हें हड़पना आसान हो जाएगा। बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि इन संशोधनों के जरिए वक्फ बाई यूजर (Waqf by-user) की समाप्ति, लिमिटेशन एक्ट से छूट को खत्म किया जाना, वक्फ बोर्ड और सेंट्रल वक्फ काउंसिल में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना और वक्फ ट्रिब्यूनल की शक्तियों को कम किया जाना, ये सभी बदलाव वक्फ संपत्तियों को मिलने वाले संरक्षण को समाप्त कर देंगे।
उन्होंने कहा कि इस एक्ट में केंद्र और राज्य सरकार, नगर निगम और अर्ध-स्वायत्त संस्थाओं की भागीदारी तथा सरकारी दावों का निपटारा वक्फ ट्रिब्यूनल के बजाय कलेक्टर या डीएम के माध्यम से किया जाना ऐसा संशोधन है जो वक्फ संपत्तियों पर सरकार के अवैध कब्जे को वैध बना देगा। ये सभी संरक्षण देश में अन्य धर्मों की वक्फ संपत्तियों को भी प्राप्त हैं, इसलिए केवल मुस्लिम वक्फ संपत्तियों को निशाना बनाना भेदभाव और अन्याय है।
मौलाना रहमानी ने कहा कि भारत हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और एक-दूसरे के धर्म, रीति-रिवाजों और त्योहारों के सम्मान के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। लेकिन दुखद है कि इस समय देश की बागडोर उन तत्वों के हाथ में है जो इस सांप्रदायिक सौहार्द को नष्ट करके देश में अराजकता और अशांति पैदा करना चाहते हैं।
वक्फ बिल को लेकर AIMPLB की अपील, कहा- विधेयक के पक्ष में मतदान न करें धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल
Latest Articles
रिफाइनरियां पूरी क्षमता से संचालित, कच्चे तेल व एलपीजी का पर्याप्त भंडार : सरकार
नई दिल्ली। सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।...
भारत और भूटान ने डाक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
नई दिल्ली। भारत और भूटान ने डाक सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भारतीय डाक और भूटान डाक के बीच...
हिमाचल में भारी बारिश-बर्फबारी, हिमखंड गिरा; तीन नेशनल हाईवे समेत 100 सड़कें बंद
शिमला/धर्मशाला। प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच शुक्रवार को भी ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले में झमाझम बारिश हुई है। अटल टनल रोहतांग...
भारत की विद्युत वितरण कंपनियों ने पूरे क्षेत्र में पहली बार लाभ अर्जित किया:...
नई दिल्ली। केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि भारत की विद्युत वितरण कंपनियों ने पहली बार पूरे क्षेत्र में लाभ...
SIR में आईटी वॉलिटिसर्य करेंगे BLO की मदद, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली राज्य...
देहरादून। उत्तराखण्ड में आगामी अप्रैल माह में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को...
















