30.2 C
Dehradun
Thursday, July 18, 2024

यमुनोत्री धाम की धारण क्षमता बढ़ाने के लिए तैयार की जाए कार्ययोजना

देहरादून। मुख्यंमत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को चारधाम प्रबंधन यात्रा प्राधिकरण के गठन हेतु कार्रवाई त्वरित गति से करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने यमुनोत्री धाम में कैरिंग कैपेसिटी (धारण क्षमता) कैसे बढ़ाई जाए, इस पर भी कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित बैठक में उन्होंने यह निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रबंधन प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र सिर्फ चारधामों तक सीमित नहीं होगा अपितु प्रदेश में समस्त प्रकार की यात्राओं के प्रबंधन की जिम्मेदारी भी उक्त प्राधिकरण के अंतर्गत आएगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण गठन के पीछे मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रदेश में बढ़ते धार्मिक व सामान्य पर्यटन के मद्देनजर हमारे पास एक ऐसी संस्था हो जो इन सब जिम्मेदारियों व तैयारियों का भलीभांति निर्वहन कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरगामी विजन के चलते आज प्रदेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। खासतौर से इस बार के यात्रा सीजन में यह तथ्य प्रमुखता से उभरा है कि गंगोत्री व यमुनोत्री धामों में तीर्थयात्रियों की संख्या में दोगुना तक वृद्धि हुई है। ऐसे में यमुनोत्री धाम की कैरिंग कैपेसिटी  यानि वहां ठहरने की सुविधाएं होटल, गेस्ट हाउस आदि को किस प्रकार से बढ़ाया जाना चाहिए, इस दिशा में भी ठोस कार्य किये जायें। विदित हो कि चारधामों के विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सतत रूप से प्रयासरत रहे हैं और  इसी का प्रतिफल है कि श्री बद्रीनाथ धाम व केदारनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य किये जा रहे हैं। साथ ही ऑल वेदर रोड के निर्माण के बाद चारधामों की यात्रा अधिक सुगम व सुरक्षित हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा अभी मुख्य रूप से ऋषिकेश से संचालित होती है लेकिन यहां पर बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुँचने के चलते जाम की समस्या भी बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का संचालन किस तरह से कोटद्वार से भी किया जा सकता है, इसकी भी संभावना तलाशी जायें। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ धाम, हेमकुंड साहिब व यमुनोत्री धाम के लिए रोपवे निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। टिहरी झील और आसपास के क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एडीबी ने 1200 करोड़ रुपये का अवस्थापना संबंधी प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने इसकी निविदा प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के आने से टिहरी झील के आसपास के क्षेत्र में पर्यटन तेजी से बढ़ेगा। इससे यह झील और भी अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगी। मुख्यमंत्री ने पौड़ी जिला मुख्यालय तक पर्यटन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग यहां पहुँच सके और यह क्षेत्र भी सीधे पर्यटन से जुड़ सके।

spot_img

Related Articles

spot_img

Latest Articles

जम्मू-कश्मीर के डोडा में फिर मुठभेड़ शुरू, कास्तीगढ़ इलाके में आमना-सामना; सेना के दो...

0
जम्मू: जम्मू-कश्मीर के डोडा में फिर मुठभेड़ शुरू हो गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार अब कास्तीगढ़ इलाके में सुरक्षाबल और आतंकी आमने-सामने हैं।...

उत्तराखंड व हिमाचल में चार दिन भारी बारिश के आसार

0
नई दिल्ली: पहाड़ से लेकर मैदान तक मानसूनी बारिश और बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू में भारी बारिश...

मुहर्रम के जुलूस में कई जगह लहराए गए फलस्तीनी झंडे

0
नई दिल्ली। मुहर्रम के मौके पर बुधवार को निकाले गए जुलूस के दौरान कुछ राज्यों में फलस्तीन के झंडे लहराए गए। इतना ही नहीं,...

कानून मंत्रालय ने सौ दिवसीय एजेंडे में की ‘सनसेट क्लॉज’ की पैरवी

0
नई दिल्ली। कानून की किताबों को व्यवस्थित रखने के लिए कानून मंत्रालय ने कुछ प्रकार के विधेयकों में 'सनसेट क्लॉज' या स्वत: समाप्त होने...

जलवायु वित्त लक्ष्य पर विवादों को सुलझाने के लिए राजनीतिक दिशा की जरूरत

0
नई दिल्ली: साल 2025 के बाद विकासशील देशों के जलवायु कार्यों का समर्थन करने के लिए एक नए वित्तीय लक्ष्य पर असहमति हल करने...