23.3 C
Dehradun
Friday, August 21, 2026


spot_img

कंधे से दागी जाने वाली अगली पीढ़ी की वायु रक्षा प्रणाली, 48 लॉन्चर, 85 मिसाइलें खरीदेगी सेना

नई दिल्ली। सरकार ने अगली पीढ़ी की बहुत कम दूरी वाली वायु रक्षा प्रणाली (वीएसएचओआरएडीएस-एनजी) की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रणाली दिन हो या रात, हर मौसम में बर्फीले इलाकों में भी हवाई लक्ष्यों को मार गिराने में सक्षम होगी।
रक्षा मंत्रालय ने इसकी खरीद के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) यानी निविदा जारी कर दी है। यह निविदा शनिवार को भारतीय सेना की वेबसाइट पर डाली गई। निविदा में बताया गया है कि मंत्रालय 48 लॉन्चर, 48 नाइट-विजन साइट, 85 मिसाइलें और एक मिसाइल टेस्ट स्टेशन प्रणाली को खरीदना चाहता है। ये सभी वस्तुएं ‘बाय (इंडियन)’ श्रेणी के तहत खरीदी जाएंगी। इच्छुक भारतीय कंपनियों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
निविदा के मुताबिक, हवाई क्षेत्र में बदलते खतरों को देखते हुए सेना को एक ‘मैनपोर्टेबल’ (कंधे पर ले जाने योग्य) मिसाइल प्रणाली की जरूरत है। यह मिसाइल प्रणाली ऐसे हालात के लिए है जब हमला बहुत करीब आ चुका हो और उसे तुरंत नष्ट करना हो। यह मिसाइल प्रणाली इंफ्रारेड होमिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी और ‘फायर एंड फॉरगेट’ यानी निशाना लगाओ और भूल जाओ वाली होगी।
इस प्रणाली में एक इंफ्रारेड मिसाइल होगी, जो कंधे पर रखकर छोड़ी जा सकेगी। यह प्रणाली दिन और रात में सभी मौसमों में लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों, हेलिकॉप्टरों और ड्रोन को निशाना बना सकेगा।
यह प्रणाली तीनों सेनाओं (थल, नौसेना और वायु सेना) द्वारा उपयोग की जाएगी और यह जमीन व जहाजों पर तैनात की जा सकेगी। इसे दो रूपों में इस्तेमाल किया जाएगा – एक मैनपोर्टेबल सिंगल लॉन्चर और दूसरा पैरा ड्रॉप ऑपरेशन के रूप में। यह प्रणाली पहाड़, मैदान, रेगिस्तान, समुद्री किनारा हर इलाके में काम कर सकेगी। यह -30 डिग्री से 50 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में काम करने में सक्षम होगी।
मिसाइल की अधिकतम मारक दूरी 6000 मीटर या उससे अधिक और न्यूनतम दूरी 500 मीटर से कम होगी। यह प्रणाली 400 मीटर प्रति सेकंड या उससे अधिक की गति से आने वाले लक्ष्यों को भी भेदने में सक्षम होनी चाहिए। प्रणाली को तीन मिनट के अंदर ट्रांसपोर्ट से फायरिंग मोड में लाने की क्षमता होगी। इस प्रणाली का सेना के वाहनों, जहाजों, ट्रेनों और विमानों के जरिए परिवहन किया जा सकेगा और पैराशूट से गिराया भी जा सकेगा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के लिए सीबीएसई की त्रि-भाषा नीति पर सवाल उठाए

0
नई दिल्ली।  सर्वोच्च न्यायालय ने छात्रों के लिए सीबीएसई की त्रि-भाषा नीति के कई पहलुओं पर सवाल उठाए है। इनमें पाठ्यपुस्तकों और शिक्षकों की...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में केंद्र सरकार के सचिवों के साथ तीसरी...

0
नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में केंद्र सरकार के सचिवों के साथ तीसरी उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में देश के...

सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की...

0
नई दिल्ली।  सरकार ने इस साल 31 अक्टूबर तक 10 लाख मीट्रिक टन तक कच्ची चीनी के शुल्क रहित आयात को इजाज़त दे दी...

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में छात्रों पर बल प्रयोग और पुलिस के खिलाफ हिंसा...

0
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले महीने नई दिल्ली के जंतर-मंतर और देश भर में अन्य जगहों पर छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान...

देहरादून में भारत-नेपाल के अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन

0
देहरादून:  भारत-नेपाल के अधिकारियों के बीच देहरादून में 14वीं संयुक्त कार्य समूह बैठक शुरू हो गई है। दरअसल, दो दिवसीय यानी 20 और 21...