14 C
Dehradun
Friday, April 10, 2026


spot_img

‘इस्राइल की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक बफर जोन में रहेगी सेना’: नेतन्याहू

यरूशलम: इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को रक्षा मंत्री काट्ज़ के साथ बफर जोन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने माउंट हर्मन की बर्फ से ढकी चोटी से बयान दिया कि इस्राइली सेना सीरिया सीमा के पास बफर जोन में तब तक रहेगी, जब तक इस्राइल की सुरक्ष को सुनिश्चित करने के लिए कोई और व्यवस्था नहीं हो जाती।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा कि इस्राइली सेना सीरियाई सीमा के पास बफर जोन में तब तक रहेगी, जब तक इस्राइल की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कोई और व्यवस्था नहीं हो जाती। नेतन्याहू ने यह बयान माउंट हर्मन की बर्फ से ढकी चोटी से दिया, जो सीरिया की सीमा के पास स्थित है। यह पहली बार था जब कोई इस्राइली नेता सीरियाई इलाके में दाखिल हुआ।
पीएम नेतन्याहू ने बताया कि 53 साल पहले जब वह एक सैनिक थे, तब भी वह माउंट हर्मन के शिखर पर थे, लेकिन अब हाल की घटनाओं को देखते हुए हालात बदल चुके हैं और माउंट हर्मन की अहमियत इस्राइल की सुरक्षा के लिए और बढ़ गई है।
सीरिया के राष्ट्रपति बशर असद को विद्रोहियों द्वारा अपदस्थ किए जाने के कुछ दिनों बाद, इस्राइल ने गोलान हाइट्स के पास दक्षिणी सीरिया के एक हिस्से को बफर जोन के रूप में कब्जा कर लिया था। इससे आलोचना शुरू हो गई है। आलोचकों ने इस्राइल पर 1974 के युद्धविराम का उल्लंघन करने और संभवतः भूमि हड़पने के लिए सीरिया में अराजकता का फायदा उठाने का आरोप लगाया। पीएम नेतन्याहू ने रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ के साथ बफर जोन का दौरा किया। काट्ज़ ने कहा कि इस्राइली सेना को इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए किलेबंदी जैसी तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है। काट्ज़ ने कहा, ‘हर्मन का शिखर हमारे दुश्मनों की पहचान करने के लिए इस्राइल राज्य की नजर में है जो पास और दूर हैं।’
इस्राइली सेना सीरियाई क्षेत्र में लगभग 400 वर्ग किलोमीटर के असैन्यीकृत बफर जोन को नियंत्रित करने के लिए आगे बढ़ी, जो 1973 के मध्यपूर्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित किया गया था। इस क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र की सेना गश्त करती थी और तब से लगभग 1,100 सैनिकों ने इस क्षेत्र में गश्त की।
इस्राइल अभी भी गोलान हाइट्स पर नियंत्रण रखता है, जिसे उसने 1967 के मध्यपूर्व युद्ध में सीरिया से लिया था, और बाद में इस पर कब्जा कर लिया था। हालांकि अधिकांश देशों ने इस्राइल के नियंत्रण को मान्यता नहीं दी है। माउंट हर्मन का शिखर इस्राइली कब्जे वाले गोलान हाइट्स, लेबनान और सीरिया के बीच विभाजित है। केवल संयुक्त राज्य अमेरिका गोलान हाइट्स पर इस्राइल के नियंत्रण को मान्यता देता है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

होर्मुज संकट के बीच राहत: एलपीजी जहाज ‘ग्रीन आशा’ पहुंचा भारत

0
नई दिल्ली। भारतीय झंडे वाला एलपीजी पोत 'ग्रीन आशा' होर्मुज स्ट्रेट को पार करते हुए गुरुवार को नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथारिटी...

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव प्रचार तेज; प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल...

0
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया, आसनसोल और सूरी में परिवर्तन संकल्प रैलियों...

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 45 गीगावाट की...

0
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 45 गीगावाट की अब तक की सबसे अधिक वार्षिक सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि दर्ज की है। सोशल...

असम, केरलम और पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव का मतदान शांतिपूर्वक संपन्न

0
नई दिल्ली। असम, केरलम और केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए आज मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। असम की 126 सीटों,...

विभागों ने मुख्य सचिव के समक्ष एडीबी से संबंधित अपने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का प्रस्तुतीकरण...

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में एशियन डेवलपमेंट बैंक और उत्तराखण्ड सरकार के निर्माण सम्बन्धी विभागों के मध्य...