25.5 C
Dehradun
Saturday, April 25, 2026


spot_img

‘इस्राइल की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक बफर जोन में रहेगी सेना’: नेतन्याहू

यरूशलम: इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को रक्षा मंत्री काट्ज़ के साथ बफर जोन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने माउंट हर्मन की बर्फ से ढकी चोटी से बयान दिया कि इस्राइली सेना सीरिया सीमा के पास बफर जोन में तब तक रहेगी, जब तक इस्राइल की सुरक्ष को सुनिश्चित करने के लिए कोई और व्यवस्था नहीं हो जाती।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा कि इस्राइली सेना सीरियाई सीमा के पास बफर जोन में तब तक रहेगी, जब तक इस्राइल की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कोई और व्यवस्था नहीं हो जाती। नेतन्याहू ने यह बयान माउंट हर्मन की बर्फ से ढकी चोटी से दिया, जो सीरिया की सीमा के पास स्थित है। यह पहली बार था जब कोई इस्राइली नेता सीरियाई इलाके में दाखिल हुआ।
पीएम नेतन्याहू ने बताया कि 53 साल पहले जब वह एक सैनिक थे, तब भी वह माउंट हर्मन के शिखर पर थे, लेकिन अब हाल की घटनाओं को देखते हुए हालात बदल चुके हैं और माउंट हर्मन की अहमियत इस्राइल की सुरक्षा के लिए और बढ़ गई है।
सीरिया के राष्ट्रपति बशर असद को विद्रोहियों द्वारा अपदस्थ किए जाने के कुछ दिनों बाद, इस्राइल ने गोलान हाइट्स के पास दक्षिणी सीरिया के एक हिस्से को बफर जोन के रूप में कब्जा कर लिया था। इससे आलोचना शुरू हो गई है। आलोचकों ने इस्राइल पर 1974 के युद्धविराम का उल्लंघन करने और संभवतः भूमि हड़पने के लिए सीरिया में अराजकता का फायदा उठाने का आरोप लगाया। पीएम नेतन्याहू ने रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ के साथ बफर जोन का दौरा किया। काट्ज़ ने कहा कि इस्राइली सेना को इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए किलेबंदी जैसी तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है। काट्ज़ ने कहा, ‘हर्मन का शिखर हमारे दुश्मनों की पहचान करने के लिए इस्राइल राज्य की नजर में है जो पास और दूर हैं।’
इस्राइली सेना सीरियाई क्षेत्र में लगभग 400 वर्ग किलोमीटर के असैन्यीकृत बफर जोन को नियंत्रित करने के लिए आगे बढ़ी, जो 1973 के मध्यपूर्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित किया गया था। इस क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र की सेना गश्त करती थी और तब से लगभग 1,100 सैनिकों ने इस क्षेत्र में गश्त की।
इस्राइल अभी भी गोलान हाइट्स पर नियंत्रण रखता है, जिसे उसने 1967 के मध्यपूर्व युद्ध में सीरिया से लिया था, और बाद में इस पर कब्जा कर लिया था। हालांकि अधिकांश देशों ने इस्राइल के नियंत्रण को मान्यता नहीं दी है। माउंट हर्मन का शिखर इस्राइली कब्जे वाले गोलान हाइट्स, लेबनान और सीरिया के बीच विभाजित है। केवल संयुक्त राज्य अमेरिका गोलान हाइट्स पर इस्राइल के नियंत्रण को मान्यता देता है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका; तीन राज्यसभा सांसद भाजपा में हुए शामिल

0
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के तीन राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने आज पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में...

केदारनाथ हेली शटल सेवा के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न

0
देहरादून। केदारनाथ हेली शटल सेवा हेतु ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। पारदर्शिता और सुव्यवस्था से यात्रियों को सुविधा मिली। 15 अप्रैल को सायं...

सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो से भ्रम फैलाने की कोशिश, एक और FIR दर्ज

0
देहरादून: चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है। पूर्व में दर्ज...

केदारनाथ धाम यात्राः यात्रियों को मिल रही त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सा सुविधा

0
देहरादून। उच्च हिमालयी क्षेत्र में संचालित केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के दौरान जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को श्रद्धालुओं हेतु प्रभावी एवं व्यवस्थित ढंग...

राम नगरी में बनेगा धामी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट राज्य अतिथि गृह

0
देहरादून। देश की धार्मिक राजधानी अयोध्या में उत्तराखंड सरकार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है। अयोध्या-फैजाबाद...