25.8 C
Dehradun
Saturday, April 4, 2026


spot_img

11वें ग्रेट हिमालयन बर्ड कॉउंट-2023 की शुरूआत, पक्षी गणना के साथ ही उनके रहस्यलोक को जानने का प्रयास भी करेंगे पक्षी प्रेमी

देहरादून: एक्शन एंड रिसर्च फॉर कन्जर्वेशन इन हिमालयाज (आर्क) के सौजन्य से 27 नवम्बर से 30 नवम्बर तक “की गई।
देहरादून में आर्क के संस्थापक प्रतीक पँवार द्वारा देश के विभिन्न राज्यों से आये पक्षी-प्रेमियों को उत्तराखंड के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों की जानकारी देकर पक्षियों की चार दिवसीय गणना हेतु रवाना किया गया।

इस अभियान को मुकाम तक पहुंचाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों हेतु ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें देवाल – वन – मुंडोली, ऊखीमठ – सारी – देवारिया ताल, गुप्तकाशी – चोपता – तुंगनाथ, तिलवाड़ा – सोनप्रयाग – गुप्तकाशी, आराकोट – चीवा – हनोल, गौचर – आदिबद्री – गैरसैंण, कर्णप्रयाग – नौटी – आदिबद्री, मंडल – पुंग बुग्याल – कंचूला खरक, उत्तरकाशी – भटवाड़ी – हर्सिल – उत्तरकाशी, उत्तरकाशी – दयारा – भटवाड़ी, पुरोला – नैटवाड़ – सांकरी – तालुका – ओसला, पुरोला – नौरी – जरमोला, पौड़ी – खिरसू – श्रीनगर, घुत्तू – रिह/ गंगी – घुत्तू, बड़कोट – जानकीचट्टी – यमनोत्री, देओबन ,- कनासर – बुधेर, धनोल्टी – सुरकंडा, सुवाखोली – मगरा – नालीकला, चीला – कांडव आश्रम – लैंसडाउन और रामपुर मंडी आदि स्थानों पर पक्षी गणना की जाएगी।

चार दिवसीय पक्षी गणना के दौरान उत्तराखंड के अलावा मुम्बई, पूना, हैदराबाद, कलकत्ता, गुजरात उड़ीसा, लखनऊ व जयपुर आदि के पक्षी प्रेमी भाग ले रहे हैं, वहीं कार्यक्रम को गति प्रदान करने में शिक्षिका मेघा रावत पंवार का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है। प्रतीक पंवार बताते हैं कि पक्षी गणना हेतु पथ चिन्हित किये गए हैं ताकि किसी को भी कोई दिक्कत न हो। मौसम के अनुसार गणकों को फर्स्ट एड किट्स के साथ ही अन्य जरूरी सामग्री भी दी गई हैं।

इस दौरान पक्षी प्रेमी, पक्षियों की गणना के साथ ही उनके रहस्यलोक को जानने का प्रयास भी करेंगे, पता चल सकेगा कि किन-किन प्रजातियों का उत्तराखंड से मोह भंग हुआ है, और कौन सी नई प्रजातियों ने आस जगाई। वहीं युवा पक्षियों की गणना के साथ ही पक्षियों के रहस्य को समझकर पर्यावरण के महत्त्व को भी समझ पायेंगे।

अभियान में सहयोगी शिक्षक कमलेश्वर प्रसाद भट्ट और सुमन हटवाल ने बताया कि कार्यक्रम का सबसे बड़ा फायदा भविष्य के वाशिंदों को मिलता दिख रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम की खास बात यह है कि युवा जहां बड़े बुजुर्गों के अनुभवों का लाभ उठा रहे हैं, वहीं अपने साथ छोटे बच्चों को भी प्रशिक्षित कर रहे हैं।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री खट्टर से भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट कर...

आप्रेशन प्रहार के अन्तर्गत एसटीएफ ने छापेमारी कर बरामद किये 101 एलपीजी सिलेंडर 

0
देहरादून। राज्य एसटीएफ द्वारा रूड़की में गैस सिलेंडरो की जमाखोरी का भण्डाफोड़ करते हुए 101 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए। बरामद सभी सिलेण्डरो को...

देश के युवाओं की खेल प्रतिभा राष्ट्र के लिए अमूल्य सामाजिक पूंजी : राष्ट्रपति...

0
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि आदिवासी समुदायों सहित देश के युवाओं की खेल प्रतिभा राष्ट्र के लिए अमूल्य सामाजिक पूंजी...

भारत में एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त: इंडियन ऑयल

0
नई दिल्ली।पश्चिमी एशिया संघर्ष के वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर प्रभाव के बावजूद भारत में एलपीजी की आपूर्ति  पर्याप्त बनी हुई है। इंडियन ऑयल ने...

सरकार ने देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता का आश्वासन दिया

0
नई दिल्ली। सरकार ने आश्‍वस्‍त किया है कि वह देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास कर रही...