नई दिल्ली। अक्सर हम देखते हैं कि यौन शोषण के मामले में समझौता होने के बाद कोर्ट केस को रद कर देता है। लेकिन एक में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच समझौता होने के बाद भी यौन शोषण के मामले को रद नहीं किया जा सकता है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को भी रद कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि यौन उत्पीड़न के मामले को इस आधार पर रद नहीं किया जा सकता कि शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच समझौता हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर यौन उत्पीड़न के मामलों को रद कर दिया गया था जिसको सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया और हाईकोर्ट के आदेश को रद कर दिया। जस्टिस सीटी रविकुमार और पीवी संजय कुमार की खंडपीठ ने अहम फैसला सुनाया और कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसले को आदेश को रद कर दिया गया है और खारिज कर दिया गया है, एफआईआर और आपराधिक कार्यवाही कानून के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी। पीठ ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
बार और बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक फैसला पिछले साल अक्टूबर में सुरक्षित रखा गया था और यह उस मामले में आया था जिसमें यह सवाल था कि क्या सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय के पास आरोपियों के बीच समझौते के आधार पर यौन उत्पीड़न के मामले को रद करने की शक्ति है।
मामला राजस्थान का है मामला 2022 का है। जब राजस्थान के गंगापुर में एक नाबालिग दलित लड़की ने सरकारी स्कूल के शिक्षक पर यौन उत्पीड़न का लगाया और पुलिस में शिकायत कराई थी। वहीं, पुलिस ने छानबीन करने के बाद शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था और बाद में नाबालिग के खिलाफ बयान भी दर्ज किया गया था। शीर्ष अदालत ने शुरू में कहा था कि किसी आपराधिक मामले में किसी अप्रभावित पक्ष द्वारा याचिका दायर नहीं की जा सकती है, हालांकि, बाद में इस मुद्दे को उठाने और इसकी जांच करने का फैसला किया गया। इसके बाद आदेश दिया गया कि आरोपी और पीड़िता के पिता को मामले में एक पक्ष बनाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पहले यौन शोषण बाद में समझौता, नहीं रद होगा केस
Latest Articles
सर्वोच्च न्यायालय ने RBI को साइबर धोखाधड़ी से जुड़े अवैध बैंक खातों से निपटने...
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने आज भारतीय रिज़र्व बैंक को साइबर धोखाधड़ी से जुड़े अवैध बैंक खातों से निपटने के लिए एक मानक संचालन...
संसद से पारित हुआ जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, 2026
नई दिल्ली। राज्यसभा की स्वीकृति के साथ ही संसद ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। लोकसभा पहले ही...
सड़क सुरक्षा पर डीएम का सख्त एक्शन, ब्लैक स्पॉट होंगे सुरक्षित, हर माह होगी...
देहरादून। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के...
राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान अल्मोड़ा का होगा सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण
देहरादून। राजस्व परिषद देहरादून उत्तराखण्ड के सभागार में मंगलवार को आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में राजस्व पुलिस एवं भूलेख...
पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन के साथ देवभूमि ने किया शिवभक्त कांवड़ियों का अभिनंदन
हरिद्वार/देहरादून। धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलवार को आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी...
















