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Friday, February 13, 2026


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CM धामी ने PM मोदी से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के विकास के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग के लिये देवभूमि उत्तराखण्ड की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से उत्तराखण्ड के लिये जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि को जून, 2022 के आगे बनाए रखने, उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं शोध संस्थान की एक शाखा स्थापित किये जाने, कुमांऊ मण्डल के पौराणिक मन्दिरों को जोड़े जाने के उद्देश्य से “मानस खण्ड मन्दिर माला मिशन“ को स्वीकृति दिये जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ एयरस्ट्रिप से हवाई सेवाओं के शीघ्र एवं सुचारू संचालन के लिये संबंधित को निर्देशित किये जाने के साथ ही टीएचडीसी इण्डिया लि0 की इक्विटी शेयर धारिता में उत्तर प्रदेश के 25 प्रतिशत अंशधारिता को उत्तराखण्ड राज्य को स्थानान्तरित करने में केंद्र से सहयोग का भी अनुरोध किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य, देश के फार्मास्यूटिकल हब के रूप में उभर रहा है। भारत में कुल उपभोग होने वाली दवाओं में उत्तराखण्ड राज्य में स्थापित औषधि निर्माण इकाईयों की लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। राज्य में स्थापित 03 प्रमुख औद्योगिक संकुलों यथा-देहरादून, हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर में 300 से अधिक फार्मास्यूटिकल निर्माण इकाईयां स्थापित हैं जो 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रहीं है।
ममुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं शोध संस्थान की एक शाखा स्थापित किये जाने का अनुरोध किया। इससे राज्य में फार्मास्यूटिकल शोध को बढावा मिलेगा। उक्त संस्थान की स्थापना हेतु वांछित भूमि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य के सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ में एयरस्ट्रिप से फिक्सडविंग (वायुयान ) हवाई सेवा संचालित किये जाने हेतु निविदा की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पिथौरागढ़ एयरस्ट्रिप से हवाई सेवाओं के शीघ्र एवं सुचारू संचालन के लिये सम्बन्धित को निर्देशित करने का अनुरोध किया।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने पर राज्यों को राजस्व सुरक्षा प्रदान किये जाने के उद्देश्य से 05 वर्षों यथा 30 जून 2022 तक की अवधि के लिए जीएसटी की क्षतिपूर्ति की व्यवस्था की गयी थी। परंतु संरचनात्मक परिवर्तन, न्यून उपभोग आधार, राज्य में सेवा का अपर्याप्त आधार सहित अन्य कारणों से जीएसटी लागू होने के उपरांत राज्य के राजस्व में अपेक्षित वृद्धि दर्ज नहीं की जा सकी है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित आर्थिक संसाधनों को देखते हुए  जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि जून, 2022 के पश्चात् अग्रेत्तर वर्षों के लिए बढ़ाये जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ एवं बद्रीनाथ को मास्टर प्लान तैयार कर विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसी भांति प्रदेश के कुमांऊ मण्डल के पौराणिक मन्दिरों को जोड़े जाने के उद्देश्य से “मानस खण्ड मन्दिर माला मिशन“ की स्वीकृति दिये जाने का अनुराध किया। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि टीएचडीसी इण्डिया लि० भारत सरकार की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी एवं उत्तर प्रदेश सरकार की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का संयुक्त उपक्रम है। उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 47 (3) के अनुसार उत्तर प्रदेश द्वारा विभाजन की तिथि तक टीएचडीसी इण्डिया लि० में किये गये पूंजीगत निवेश के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य को हस्तांतरित होना चाहिए क्योंकि टीएचडीसी इण्डिया लि० का मुख्यालय उत्तराखण्ड राज्य में स्थित है। टीएचडीसी इण्डिया लि0 की लगभग 70 प्रतिशत परियोजनाऐं उत्तराखण्ड राज्य में ही स्थित है। उक्त परियोजनाओं से उत्पन्न होने वाली पुनर्वास, कानून व्यवस्था तथा अन्य सामाजिक एवं पर्यावरण सम्बन्धी चुनौतियों का सामना भी उत्तराखण्ड राज्य को करना पड़ता है। उत्तराखण्ड राज्य द्वारा वर्ष 2012 में भारतीय संविधान के अनुच्छेद-131 के अन्तर्गत टीएचडीसी इण्डिया लि० में उत्तर प्रदेश के स्थान पर उत्तराखण्ड राज्य की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी हेतु मूल वाद संख्या 05 / 2012 मा0 सर्वोच्च न्यायालय में योजित किया गया था जो सम्प्रति विचाराधीन है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से टीएचडीसी इण्डिया लि की इक्विटी शेयर धारिता में उत्तर प्रदेश के 25 प्रतिशत अंशधारिता को उत्तराखण्ड राज्य को स्थानान्तरित करने में केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन से स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, ऊर्जा इत्यादि क्षेत्रों में चहुंमुखी विकास कर रहा है। उनकी अपेक्षा अनुसार वर्ष 2025 में राज्य के रजत जयंती वर्ष में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में से एक होगा।

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