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Thursday, September 17, 2026


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जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी, वैश्विक साझेदारियों पर जोर

नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी फ्रांस के एवियन में चल रहे जी-7 शिखर सम्मेलन के उच्च स्तरीय कार्य सत्र में भाग ले रहे हैं। “नई साझेदारियाँ बनाना और अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण” विषय पर आधारित इस सत्र में जी-7 देशों के नेता, सहयोगी देशों के नेता और विश्व बैंक तथा अफ्रीकी विकास बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।

बैठक की शुरुआत फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और अन्य भागीदार देशों के नेताओं का औपचारिक स्वागत करने के बाद हुई, जिसके बाद सभी नेताओं ने सामूहिक तस्वीर खिंचवाई।

समूह फोटो के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि भारत और जी-7 देश, वैश्विक समृद्धि, स्थिरता और मानव कल्याण को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।

श्री मोदी शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिन के दौरे पर आज सवेरे एवियन पहुंचे। शिखर सम्मेलन कल से शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वे विश्व नेताओं के साथ बातचीत करने और प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक अधिक स्थायी और समृद्ध ग्रह बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत के लिए इस शिखर सम्मेलन का महत्व बहुत अधिक है, और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी ग्‍लोबल साउथ की चिंताओं और प्राथमिकताओं को सशक्त रूप से व्यक्त करेंगे। जी-7 सम्मेलनों में भारत की नियमित भागीदारी वैश्विक चुनौतियों से निपटने और शांति, सुरक्षा, सतत विकास तथा आर्थिक विकास से संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में योगदान देने में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।

शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। वे आज राष्ट्रपति मैक्रोन द्वारा आयोजित एक भव्य रात्रिभोज में शामिल हो रहे है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक, कल अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात है। दोनों नेताओं द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर व्यापक चर्चा करने के साथ-साथ पारस्परिक हित के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है।

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