20 C
Dehradun
Friday, May 8, 2026


spot_img

आम आदमी पार्टी की धमकी का कांग्रेस ने उड़ाया मजाक

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सरकार के बीच जारी तकरार लगातार तीखी होती जा रही है। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस के निरंतर तेज होते हमलों से साफ है कि विपक्षी आईएनडीआईए गठबंधन से उसे बाहर कराने की आप की धमकी का पार्टी सियासी माखौल उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही।
आप की धमकियों पर नरम पड़ने की बजाय कांग्रेस ने उस पर तीखे जवाबी हमले के लिए पार्टी ने पंजाब के अपने नेताओं को भी मैदान में उतार दिया है। पंजाब कांग्रेस के नेता दिल्ली के चुनावी रण में उतरकर अपने सूबे में आप सरकार के कड़वे अनुभव का दावा करते हुए राजधानी की जनता को झांसे में नहीं आने की सलाद दे रहे हैं।
दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस का यह रूख आप की सियासी चुनौतियों में इसलिए भी इजाफा कर रहा कि उसे अपने केंद्रीय नेतृत्व के मजबूत समर्थन के दम पर भाजपा चुनावी घेरेबंदी का हर दांव चल रही है। ऐसे में आप ने विपक्षी गठबंधन की राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता में बिखराव का भय दिखाकर कांग्रेस को दबाव में लाने के लिए आईएनडीआईए से बाहर कराने का अल्टीमेटम दिया था, मगर अभी तक विपक्षी गठबंधन के किसी सहयोगी दल ने आप के इस अल्टीमेटम का न तो कोई नोटिस लिया है और न ही सार्वजनिक तौर पर उसे सहानुभूति जताई है।
केजरीवाल से सहानुभूति रखने वाली तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की ओर से भी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। विपक्षी खेमे घटक दलों के इस ठंडे रूख का ही परिणाम है कि 24 घंटे का कांग्रेस को अल्टीमेटम देने के करीब 10 दिन बाद भी आम आदमी पार्टी के नेता अब इसकी किसी तरह की चर्चा नहीं कर रहे हैं, जबकि इसके उलट कांग्रेस का अरविंद केजरीवाल पर हमला तेज होता जा रहा है।
आप ने कांग्रेस के जिस राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अजय माकन, संदीप दीक्षित और देवेंद्र यादव के प्रहारों के बाद विपक्षी गठबंधन से बाहर कराने की धमकी दी थी, उन्होंने ही पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाकर आप पर शनिवार को गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं, माकन ने तो केजरीवाल पर राष्ट्र विरोधी होने जैसे आरोप भी लगाए हैं और अगले कुछ दिनों में आप के खिलाफ सबूत सहित हमले करने के इरादे भी सार्वजनिक तौर पर जाहिर कर दिए हैं।
केजरीवाल के खिलाफ माकन रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस करने की घोषणा भी कर चुके थे, मगर रणनीति लिहाज से इसे किसी अन्य दिन के लिए टाल दिया। दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल के खिलाफ संदीप दीक्षित, वर्तमान मुख्यमंत्री आतिशी के मुकाबले महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा और मनीष सिसोदिया के खिलाफ पूर्व मेयर फरहाद सूरी जैसे उम्मीदवारों को उतारकर कांग्रेस ने इस चुनाव में अपनी तरफ से आप को किसी तरह की सियासी गुंजाइश नहीं देने का साफ संदेश तो पहले ही दे दिया है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

राष्ट्र का ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान...

0
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर आज राष्ट्र ने सशस्त्र बलों के साहस, प्रतिबद्धता और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। पिछले वर्ष इसी...

देश में सरकारी खाद्यान्न भंडार 604 लाख टन के पार: प्रल्हाद जोशी

0
नई दिल्ली। उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा है कि देश में सरकारी खाद्यान्न भंडार 604 लाख टन से...

पश्चिम बंगाल के राज्‍यपाल ने विधानसभा भंग की

0
नई दिल्ली। नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा को औपचारिक रूप से भंग कर दिया गया है। राज्यपाल आर....

उपभोक्ताओं से बंद सेवा का शुल्क नहीं वसूला जा सकता: सर्वोच्च न्यायालय

0
नई दिल्ली।  सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि उपभोक्ताओं को उस सेवा के लिए भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता...

उत्तराखण्ड सीबीसीआईडी की बड़ी सफलता: धेनु ग्रुप धोखाधड़ी मामले का मुख्य अभियुक्त व ₹50,000...

0
देहरादून: उत्तराखण्ड पुलिस अपराध अनुसंधान शाखा (सीबीसीआईडी), सेक्टर देहरादून ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ₹50,000 के ईनामी फरार अभियुक्त देवेन्द्र प्रकाश तिवारी...