देवभूमि मानव संसाधन विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना जो अपने ट्रस्ट की ओर से आक्सीजन बैंक संचालित कर जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवा रहे हैं आज अचानक सिलेंडरों की मांग बढ़ने व ट्रस्ट के अन्य सहयोगियों के सेवा कार्यों में अन्यत्र व्यस्त होने के कारण उपलब्ध न होने पर खुद ही पीपीई किट पहन मोर्चे पर उतर गए और उन्होंने नेहरू कालौनी पहुंच न केवल बीमार को ऑक्सीजन सिलेंडर पहुँचाया बल्कि मरीज की स्थिति नाजुक देख उन्होंने मरीज को तुरंत एमकेपी कालेज रोड स्थित आरोग्य धाम में भर्ती करवाया. धस्माना ने कहा कि राजधानी में संक्रमण की गति धीमी नहीं पड़ रही है और लगातार संक्रमण अब ग्रामीण इलाकों में तेज़ी से फैल रहा है जिसके कारण अब मरीजों के लिए पहले ही कम पड़ रही व्यवस्थाओं का टोटा और बढ़ रहा है. धस्माना ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता स्वास्थ्य सेवाओं व आक्सीजन की भारी कमी के कारण दम तोड़ रहे मरीज हैं इसलिए आक्सीजन के बारे में सरकार को गंभीरता से युध्द स्तर पर काम करना चाहिए. धस्माना ने कहा कि उनका ट्रस्ट शीघ्र ही ऑक्सीजन बैंक की क्षमता बढ़ाने का काम करेगा.
नेताओं के लिए मिसाल बने धस्माना, पीपीई किट पहन बीमार को अस्पताल में कराया भर्ती |Postmanindia
Latest Articles
ईरान ने खाड़ी देशों को अमरीका के सैन्य अभियानों में सहयोग न करने की...
नई दिल्ली। ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाह ने फारस की खाड़ी के दक्षिणी तट के देशों को...
उच्च गुणवत्ता और लागत प्रभावी अवसंरचना सर्वोच्च प्राथमिकता: नितिन गडकरी
नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लागत को संतुलित बनाए रखते हुए उच्च गुणवत्ता...
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 परियोजनाओं को दी मंजूरी
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें चार रेलवे परियोजनाएं और एक राजमार्ग परियोजना शामिल हैं। नई दिल्ली में मंत्रिमंडल...
ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखण्ड की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की...
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखण्ड से प्रतिभावान खिलाड़ियों को तैयार करने के उद्देश्य से खेल विभाग के साथ बैठक...
उत्तराखण्ड का भूस्खलन प्रबंधन माॅडल अब अन्य राज्यों में भी बना रहा अपनी पहचान
देहरादून। खारा हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के लिए डीपीआर एवं तकनीकी परामर्श से यूएलएमएमसी को मिली पहली राजस्व प्राप्ति उत्तराखण्ड की भूस्खलन विशेषज्ञता का दायरा...
















