मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उत्तराखंड वन विभाग के सेवानिवृत्त प्रमुख मुख्य वन संरक्षक और अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की कई महत्वपूर्ण समितियों से जुड़े डा आरबीएस रावत को अपना प्रमुख सलाहकार नियुक्त किया है. भारतीय वन सेवा के योग्यतम अफसरों में शुमार डा. रावत लंबे समय तक वन विभाग के मुखिया रहे. वन विभाग के मुखिया रहते हुए डा. रावत को तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने अपर मुख्य सचिव बनाने की पहल की थी, लेकिन आईएएस लाबी ने इस महत्वपूर्ण पद पर गैर आईएएस को बिठाने के प्रयासों को विफल कर दिया था. अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं में काम करने से रावत की पहचान देश के योग्यतम अफसरों में होती है. उनके अनुभव व ज्ञान को देखते हुए आईएएस अफसर भी उनका बड़ा सम्मान करते हैं.मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि डॉ रावत के अनुभव और योग्यता का प्रदेश को लाभ मिलेगा. डा. रावत उस विवेकानंद फाउंडेशन से भी जुड़े हैं जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ताकत माना जाता है. सरल स्वभाव के डा. रावत चमोली जनपद के मूल निवासी हैं और फारेस्ट आफीसर होने के साथ-साथ वे अच्छे ट्रैकर भी रहे हैं. रावत को बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का पहला चेयरमैन बनाया था.
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की टीम में पूर्व वन प्रमुख को मिली बड़ी जिम्मेदारी |Postmanindia
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