19 C
Dehradun
Wednesday, April 1, 2026


spot_img

सरकार का बड़ा फैसला; सभी नए मोबाइल फोन में 90 दिनों के भीतर प्री-इंस्टॉल होगा ‘संचार साथी’ एप

नई दिल्ली: दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल फोन कंपनियों को बड़ा निर्देश जारी किया है। अब देश में बनने या आयात होकर आने वाले हर नए स्मार्टफोन्स में ‘संचार साथी’ एप को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य होगा। कंपनियों को इस नियम को लागू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है।
28 नवंबर को जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक, 90 दिनों के बाद भारत में बनने या आयात किए जाने वाले सभी मोबाइल फोन में संचार साथी एप पहले से मौजूद होना चाहिए। यह एप फोन सेटअप के दौरान आसानी से दिखाई दे और इसे हटाया या डिसेबल ना किया जा सके। सरकार ने साफ कहा है कि यह नियम सभी कंपनियों पर लागू होगा। चाहे वह एपल, सैमसंग, गूगल, शाओमी, वीवो या कोई दूसरा ब्रांड हो।
जो मोबाइल फोन पहले से बन चुके हैं या बिक्री के लिए स्टोर में मौजूद हैं, उनमें भी यह एप जोड़ना अनिवार्य होगा। इसके लिए कंपनियों को सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए संचार साथी एप उपलब्ध कराना होगा। निर्माताओं और आयातकों को इस आदेश का पालन करने के लिए 120 दिनों के अंदर दूरसंचार विभाग में रिपोर्ट जमा करनी होगी।
संचार साथी एप मोबाइल सुरक्षा से जुड़े मामलों को रोकने के लिए बनाया गया है। इस एप के जरिए मोबाइल के IMEI नंबर की जांच की जा सकती है। IMEI से जुड़े किसी भी फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज की जा सकती है। एप से खोए या चोरी हुए फोन की रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है। फर्जी कॉल या धोखाधड़ी की शिकायत भी की जा सकती है। सरकार के अनुसार, IMEI से छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है। यह गैर जमानती अपराध है और दूरसंचार अधिनियम 2023 के अनुसार इसमें 3 साल की जेल, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
सरकार ने कहा है कि मोबाइल कंपनियां यह सुनिश्चित करें कि संचार साथी एप डिवाइस पर आसानी से दिखे। एप की सुविधाओं को डिसेबल किया या छुपाया ना जाए। जिससे उपयोगकर्ता एप को बिना किसी रुकावट के इस्तेमाल कर सकें। अगर निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो कंपनियों पर दूरसंचार अधिनियम 2023, दूरसंचार साइबर सुरक्षा नियम 2024 सहित अन्य कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इस आदेश के कुछ दिनों पहले ही सरकार ने वाट्सएप, सिग्नल, टेलीग्राम जैसी एप-आधारित सेवाओं पर भी नए नियम लागू किए थे। इन एप्स को उपयोगकर्ता के एक्टिव सिम कार्ड से लगातार लिंक्ड रहना होगा। एप्स का वेब वर्जन हर 6 घंटे में ऑटो लॉगआउट होगा। दोबारा लॉग इन करने के लिए QR कोड स्कैन करके डिवाइस को फिर से लिंक करना होगा। इन कंपनियों को भी 120 दिनों में ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 219 अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों पर हस्ताक्षर किए

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड-सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय करदाताओं के साथ रिकॉर्ड 219 अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों-एपीए पर हस्ताक्षर...

पश्चिम एशिया संघर्ष के बावजूद भारत में स्थिति नियंत्रण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बावजूद भारत में स्थिति नियंत्रण में   है। श्री मोदी आज गुजरात...

नई दिल्ली के भारत मंडपम में सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव सम्पन्न

0
नई दिल्ली: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आज सम्‍पन्‍न हो गया है। सात दिन तक चले इस...

राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत उत्तराखंड को 113.90 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता...

0
देहरादून। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा वित्त आयोग प्रभाग के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राज्य आपदा न्यूनीकरण...

मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलेगा “ऑपरेशन प्रहार“

0
देहरादून। देहरादून में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं की संवेदनशीलता के दृष्टिगत पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ द्वारा आज पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय...