29.2 C
Dehradun
Friday, June 26, 2026


spot_img

दो जैन संतों और एक बीएसएफ जवान सहित आठ लोगों की लू ने ली जान, राजस्थान में पांच दिन में 32 मौत

जयपुर। राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर जारी है। प्रदेश में लू लगने से पांच दिन में 32 लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार को आठ लोगों की मौत हुई है। सोमवार को जोधपुर जिले में भीषण गर्मी से एक जैन साधु और एक जैन साध्वी की मौत हुई है। जैसलमेर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा पर लू लगने से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान की मौत हो गई। अलवर में एक छात्र की मौत हो गई। वहीं केकड़ी जिले में पशु चराने जंगल में गए एक बुजुर्ग की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार जोधपुर जिले के पीपाड़ शहर में एक जैन साध्वी दया श्री की तेज गर्मी के कारण तबीयत बिगड़ गई। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
एक अन्य जैन संत चिरंजय मुनी की भी लू लगने के कारण मौत हुई है। जैसलमेर जिले में बीएसएफ की सीमा चौकी भानु पर तैनात जवान अजय कुमार की लू लगने से मौत हो गई। अजय कुमार बीएसएफ की 173वीं वाहिनी में तैनात था। अजय पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में सारू गांव का निवासी था। केकड़ी जिले के नागोला गांव में पशु चराने के लिए जंगल में गए 80 वर्षीय मोहन रैबारी की मौत हो गई।
बुजुर्ग का शव पेड़ के नीचे मिला है। जयपुर में एक फैक्ट्री में 60 डिग्री सेल्सियस तापमान में काम कर रहे एक बायलर आपरेटर की मौत हो गई। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। इस बीच जैसलमेर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सोमवार को लगातार तीसरे दिन तापमान 55 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जयपुर में सोमवार को 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जयपुर में मई के महीने में 11 साल बाद इतना तापमान दर्ज किया गया है।
भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिलों के प्रभारी सचिवों को मंगलवार और बुधवार को अपने प्रभारी वाले जिलों का दौरा कर जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी सचिवों को पानी,बिजली की उपलब्धता,अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्था,गौशालाओं में गायों के लिए पर्याप्त पानी व चारे की उपलब्धता,अन्य पशु-पक्षियों के लिए चिकित्सा,पानी व दाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलक्टरों को गांवों में रात्रि विश्राम के भी निर्देश दिए गए हैं। सचिवों को अवैध खनन बंद करने को लेकर रिपोर्ट पेश करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर अफसरों को फील्ड में जाकर चिकित्सा व्यवस्था पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा,गर्मी के मौसम में लोगों को अस्पतालों में आवश्यकता होने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। प्रदेश के अस्पतालों में लू लगने से भर्ती हो रहे मरीजों को बर्फ के माध्यम से राहत दी जा रही है। स्थानीय निकायों ने शहरों में सड़कों पर पानी का छिड़काव कर लोगों को राहत देने का प्रयास किया है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

मुख्यमंत्री धामी के अनुरोध पर लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग कैप्टन अजय पंत प्रकरण में...

0
देहरादून। यूनाइटेड किंगडम में हिरासत में लिए गए उत्तराखंड निवासी कैप्टन अजय पंत के मामले में  भारतीय उच्चायोग, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों...

धामी सरकार की बड़ी सौगात, मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा आधुनिक फ्लैट

0
देहरादून। गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के संकल्प के साथ उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार मिलकर एक ऐसी...

मंत्री ने डीबीटी के माध्यम से 4098 बालिकाओं के बैंक खातों में हस्तांतरित की...

0
देहरादून। नंदा गौरा योजना के तहत गुरुवार को हरिद्वार और उत्तरकाशी जनपद की 4098 पात्र बालिकाओं को लाभान्वित किया गया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल...

मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों को सम्मानित किया

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जी. एम. एस. रोड स्थित एक होटल में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम...

13 शहरों के लिए शहरी नदी प्रबंधन योजनाएं पूरी: जल शक्ति मंत्रालय

0
नई दिल्ली। स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन ने राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान के सहयोग से गंगा नदी के तट पर शहरी नदी प्रबंधन योजनाओं का...