नई दिल्ली। भारत और ग्रीस ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए व्यापक समझौता किया है। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना-2026 और रक्षा उद्योगों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए एक संयुक्त घोषणा पत्र का आदान-प्रदान किया गया।
ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। नई दिल्ली में सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ग्रीस (हेलेनिक गणराज्य) के रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों ने आत्मनिर्भर भारत और ग्रीस के रक्षा सुधार कार्यक्रम एजेंडा-2030 के बीच तालमेल बिठाते हुए रक्षा अनुसंधान, सह-विकास और सह-उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला लिया।
इस अवसर पर दोनों रक्षा मंत्रियों ने एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। इस संयुक्त घोषणापत्र के आधार पर अगले पांच वर्षों के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यह घोषणापत्र दोनों देशों के रक्षा औद्योगिक सहयोग को भी मजबूती प्रदान करेगा। द्विपक्षीय बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और ग्रीस की रणनीतिक साझेदारी शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल और ग्रीस की ‘एजेंडा-2030’ रक्षा सुधार योजना को आपस में जोड़ते हुए दोनों देश अपने-अपने स्वदेशी रक्षा उद्योग को और सशक्त करेंगे। इसी दिशा में रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए भारत और ग्रीस के बीच आशय संबंधी संयुक्त घोषणापत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए।
ग्रीस ने भारत के इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (आईएफसी-आईओआर) में अपना अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी तैनात करने का निर्णय लिया।
भारत और ग्रीस के बीच बढ़ती सैन्य नजदीकी से भारत की भूमध्य सागर और यूरोप में रणनीतिक पहुंच बढ़ पाएगी। इधर, ग्रीस को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत जैसा भरोसेमंद साझेदार मिला है। ग्रीस अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण यूरोप का पूर्वी प्रवेश द्वार है। यह भारत-मध्य पूर्व यूरोप आर्थिक गलियारे के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो भारत को यूरोपीय बाजारों से जोड़ती है। उधर, पाकिस्तान और तुर्किए के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के लिहाज से भी तुर्किए के प्रतिद्वंद्वी ग्रीस से करीबी भारत के लिए फायदेमंद है।
ग्रीस ने यह घोषणा की कि वह गुरुग्राम स्थित हिंद महासागर क्षेत्र सूचना समन्वय केंद्र में अपना एक अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी तैनात करेगा। इससे पहले ग्रीस के रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और मानेकशॉ केंद्र में त्रि-सेवा सम्मान गार्ड का निरीक्षण किया।
भारत और ग्रीस ने सैन्य सहयोग योजना पर किए हस्ताक्षर, हिंद महासागर से भूमध्य सागर तक बढ़ा दबदबा
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