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Saturday, August 8, 2026


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‘वैश्विक स्थिरता के लिए भारत-ईयू का साथ जरूरी’: विदेश मंत्री एस. जयशंकर

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के मजबूत रिश्ते वैश्विक अर्थव्यवस्था के जोखिम कम कर सकते हैं। उन्होंने व्यापार, सुरक्षा और सप्लाई चेन सहयोग पर जोर दिया। गणतंत्र दिवस पर ईयू के शीर्ष नेता भारत आएंगे। शिखर सम्मेलन में मुक्त व्यापार समझौते और रक्षा सहयोग जैसे अहम फैसलों की उम्मीद है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
दुनिया में बढ़ती अस्थिरता और अनिश्चितता के बीच भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत रिश्ते वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सुरक्षा कवच बन सकते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को यूरोपीय देशों के राजदूतों से बातचीत में कहा कि भारत-EU का गहरा सहयोग वैश्विक जोखिमों को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। यह बयान दोनों पक्षों के बीच होने वाले शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आया है।
यूरोपीय देशों के राजदूतों के साथ संवाद के दौरान जयशंकर ने कहा कि आज की दुनिया में उतार-चढ़ाव और अस्थिरता नया सामान्य बन चुकी है। ऐसे समय में भरोसेमंद और स्थिर साझेदारियों का महत्व बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ की साझेदारी व्यापार, लोगों की आवाजाही और सुरक्षा के क्षेत्रों में वैश्विक व्यवस्था को स्थिर करने की क्षमता रखती है। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर भी इस बातचीत का जिक्र करते हुए वैश्विक हालात पर चिंता जताई।
जयशंकर ने जोर देकर कहा कि भारत और यूरोपीय संघ को मजबूत और लचीली सप्लाई चेन बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा। मौजूदा समय में वैश्विक व्यापार में रुकावटें बढ़ रही हैं और ऐसे में विश्वसनीय साझेदारी बेहद जरूरी है। यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से इस व्यापार को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला 25 से 27 जनवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। 27 जनवरी को वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ शिखर वार्ता करेंगे। इस बैठक में लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा होने की संभावना है।
भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं। आगामी शिखर सम्मेलन में मुक्त व्यापार समझौते के अलावा रक्षा सहयोग के लिए एक नया ढांचा और व्यापक रणनीतिक एजेंडा सामने आ सकता है। यूरोपीय संघ के भारत में राजदूत डेल्फिन ने जयशंकर के साथ हुई बातचीत को उत्कृष्ट बताया और कहा कि भारत-ईयू साझेदारी के लाभ दोनों पक्षों के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी दिखाई देंगे। जयशंकर ने भरोसा जताया कि यह साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होगी।

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