38.3 C
Dehradun
Sunday, June 21, 2026


spot_img

भारत की हवाई सुरक्षा को नया कवच, आकाश-एनजी मिसाइल तैयार

नई दिल्ली: भारत ने स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। आकाश नेक्स्ट जेनरेशन यानी आकाश-एनजी एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के यूज़र ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। इन परीक्षणों के सफल रहने के बाद यह साफ हो गया है कि यह मिसाइल प्रणाली अब भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना में शामिल किए जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
आकाश-एनजी, मौजूदा आकाश मिसाइल प्रणाली का उन्नत संस्करण है। इसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। यह मिसाइल दुश्मन के लड़ाकू विमान, ड्रोन और क्रूज मिसाइल जैसे हवाई खतरों को बेहद सटीकता से मार गिराने में सक्षम है। इसकी रेंज, गति और प्रतिक्रिया क्षमता पहले से कहीं ज्यादा बेहतर है, जिससे भारत की हवाई सुरक्षा और मजबूत होगी।
यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल का मतलब है कि जिस सिस्टम को सेना इस्तेमाल करेगी, वही खुद उसकी क्षमता को परखती है। इन परीक्षणों में आकाश-एनजी ने तय सभी मानकों पर खरा उतरते हुए लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा। इन ट्रायल्स से यह साबित हुआ कि सिस्टम हर मौसम और अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने में सक्षम है। इसके बाद इसे सेना और वायुसेना में शामिल करने का रास्ता साफ हो गया है।
इसी महीने डीआरडीओ ने एक और अहम परीक्षण सफलतापूर्वक किया। लड़ाकू विमान के पायलटों के लिए बनाए गए एस्केप सिस्टम का हाई-स्पीड रॉकेट स्लेज टेस्ट किया गया। यह परीक्षण 800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर चंडीगढ़ स्थित टीबीआरएल केंद्र में हुआ, जिसमें पायलट की सुरक्षित निकासी से जुड़े सभी अहम मानक पूरे हुए।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह परीक्षण भारत को उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल करता है, जिनके पास अत्याधुनिक एस्केप सिस्टम की स्वदेशी टेस्टिंग क्षमता है। यह डायनामिक इजेक्शन टेस्ट था, जो सामान्य स्थिर परीक्षणों से कहीं ज्यादा जटिल होता है। इसमें एलसीए विमान के अगले हिस्से के साथ ड्यूल-स्लेज सिस्टम का इस्तेमाल किया गया और डमी पायलट के जरिए सभी दबाव, झटके और सुरक्षा मानकों को रिकॉर्ड किया गया।
आकाश-एनजी मिसाइल और फाइटर एयरक्राफ्ट एस्केप सिस्टम जैसे परीक्षण यह दिखाते हैं कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। विदेशी तकनीक पर निर्भरता घट रही है और स्वदेशी सिस्टम न सिर्फ विकसित हो रहे हैं, बल्कि सफलतापूर्वक सेना की जरूरतों पर खरे भी उतर रहे हैं। आने वाले समय में इससे भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

कैलाश मानसरोवर यात्रा: तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे ने नाथू ला दर्रे से होते हुए...

0
नई दिल्ली।  कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 पर गये तीर्थयात्रियों का पहला जत्था आज नाथू ला दर्रे से होते हुए चीन में प्रवेश कर गया, जिससे...

विश्‍व बैंक ने जल संरक्षित हरियाणा परियोजना के लिए चार हजार करोड़ रुपये का...

0
नई दिल्ली। विश्‍व बैंक ने जल संरक्षित हरियाणा परियोजना के लिए चार हजार करोड़ रुपये का ऋण स्‍वीकृत किया है। पांच हजार सात सौ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त के रूप में 18 हजार करोड़...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुगली जिले के तारकेश्वर में ‘पश्चिमबंग दिवस’ समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री-किसान योजना की 23वीं किस्त के रूप...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर में “युवा संवाद : युवा शक्ति, उत्तराखंड की...

0
चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर, चंपावत में आयोजित “युवा संवाद : युवा शक्ति, उत्तराखंड की प्रगति” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर...

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त से उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक...

0
देहरादून। प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर हिमालय सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट देहरादून में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी...