कुशीनगर:इसरो, इन स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया कंपनी के संयुक्त प्रयास से शनिवार की शाम रकबा जंगलीपट्टी के एपी बांध स्थित गंडक नदी के किनारे राकेट व सेटेलाइट की सफल लांचिंग की गई। सफल रॉकेट लांचिंग पर लोगों ने करतल ध्वनि से वैज्ञानिकों को बधाई दी। वैज्ञानिकों का कहना था कि इस कार्यक्रम से युवाओं में स्पेस टेक्नोलाॅजी के प्रति रुझान बढ़ेगा और युवा इस क्षेत्र में आने के लिए उत्सुक होंगे। डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस के तहत कार्यरत तीनों विंग इसरो, इन स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया कंपनी की तरफ से सेवरही क्षेत्र के रकबा जंगलीपट्टी के एपी बांध स्थित गंडक नदी के किनारे इसरो के वैज्ञानिक विनोद कुमार, अभिषेक सिंह, विजया श्री, केके त्रिपाठी, डाॅ. बृजेश सोनी, अनंत मधुकर और ट्रस्ट टेक इंडिया कंपनी के अनंत अग्रवाल, सुभद्र गुप्ता, अद्वैत सधाना की टीम ने राकेट व सेटेलाइट की सफल लांचिंग की।
लांचिंग शनिवार की शाम 5:15 बजे की गई और राकेट 1.126 मीटर की ऊंचाई पर गया और फिर पैराशूट से केन आकार का सेटेलाइट के साथ धीरे-धीरे लांचिंग पैड से करीब 500 मीटर की दूरी पर गिर गया। राकेट व सेटेलाइट की सफल लांचिंग पर देवरिया के सांसद शशांक मणी त्रिपाठी, डीएम महेंद्र सिंह तंवर, एडीएम वैभव मिश्र, सीडीओ गुंजन द्विवेदी, एसडीएम ऋषभ देवराज पुंडीर, सीओ राकेश प्रताप सिंह, एसएचओ धीरेंद्र कुमार राय, राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता, बीडीओ संजय राय, पूर्व चेयरमैन त्रिभुवन जायसवाल सहित मौके पर उमड़ी भीड़ ने वैज्ञानिकों का करतल ध्वनि से वैज्ञानिकों को बधाई दी।सांसद त्रिपाठी ने वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि रकबा जंगलीपट्टी में दो दिवसीय प्रतियोगिता शनिवार को प्रारंभ हो गई है। इसमें कैन साइज के सैटेलाइट लांच किए जाएंगे जो विद्यार्थियों द्वारा ही डिजाइन तथा बनाए गए हैं। स्पेस जागरूकता के साथ-साथ इसमें विद्यार्थियों का रुझान बढ़ाना इस प्रतियोगिता का असल उद्देश्य है।
उन्होंने बताया कि इन-स्पेस मॉडल रॉकेट्री, कैनसैट इंडिया छात्र प्रतियोगिता 2025 का आयोजन एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (एएसआई) द्वारा भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस), इसरो और अन्य संघों के सहयोग से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्र समुदाय के बीच अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुझान पैदा करना है।
इन-स्पेस मॉडल रॉकेट्री, कैनसैट इंडिया स्टूडेंट कम्पटीशन 2025 में भारत भर के विभिन्न कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के छात्रों की तरफ से लांच साइट से 1000 मीटर की ऊंचाई पर मॉडल रॉकेट और कैन आकार के उपग्रह का डिज़ाइन, विकास और प्रक्षेपण किया जाएगा। इसे लेकर यह प्रतियोगिता जिले के सेवरही क्षेत्र के रकबा जंगलीपट्टी में आयोजित किए जाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न लॉन्चर विकल्पों के सावधानीपूर्वक मूल्यांकन के बाद, इन कैनसैट के प्रक्षेपण के लिए ट्रस्ट टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया है। भारतीय प्रक्षेपण एजेंसी की क्षमताओं का आंकलन करने के लिए, सेवरही के रकबा जंगलीपट्टी में डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस के अंतर्गत कार्यरत तीनों विंग इसरो, इन स्पेस, एनएसआईएल के दिशानिर्देशों में यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसमें कैन साइज के सैटेलाइट लांच किए जाएंगे, जो विद्यार्थियों के द्वारा ही डिजाइन किए गए तथा बनाए गए हैं। इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बुटाई निषाद, मथुरा सिंह, राजेश सिंह, हेमंत सिंह, शैलेंद्र पांडेय, संजय राय, मोती जायसवाल मौजूद रहे।
इसरो ने यूपी में पहला सफल रॉकेट प्रक्षेपण परीक्षण किया
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