18.5 C
Dehradun
Thursday, March 26, 2026


spot_img

ISRO ने तैयार किया भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का ढांचा, स्पेस में एक साथ रह सकेंगे इतने अंतरिक्ष यात्री

नई दिल्ली। इसरो भारतीय अंतिरक्ष स्टेशन के साथ अंतरिक्ष में शुरुआती चरण में तीन अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की योजना बना रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अनुसार, बीएएस का उद्देश्य अंतरग्रहीय अनुसंधान, जीवन विज्ञान और चिकित्सा अध्ययन समेत कई वैज्ञानिक प्रयासों को सुविधाजनक बनाना है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) के लिए योजनाओं की घोषणा की है, जो भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं इसरो के अनुसार, बीएएस का वजन 52 टन है और यह शुरू में तीन लोगों के चालक दल के लिए बनाया जाएगा, भविष्य में इस क्षमता को छह तक बढ़ाने की योजना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का अनावरण बंगलूरू में यू आर राव सैटेलाइट सेंटर में कन्नड़ तकनीकी सेमिनार के दौरान किया गया।
इस सेमिनार के दौरान, इसरो ने अंतरिक्ष में स्थायी आवास बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला, जो लंबी अवधि के मिशनों को सक्षम करेगा और अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाएगा। स्टेशन से मानव स्वास्थ्य पर सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के प्रभावों को समझने और अन्य ग्रहों पर जीवन का समर्थन करने वाली तकनीकों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन अंतरिक्ष पर्यटन और अंतरिक्ष संसाधनों के दोहन के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा, जो अंतरिक्ष अन्वेषण के अधिक वाणिज्यिक अनुप्रयोगों की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव को भी चिह्नित करेगा। भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के साथ, इसरो न केवल वैज्ञानिक ज्ञान को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखता है, बल्कि वैज्ञानिकों और खोजकर्ताओं की नई पीढ़ी को प्रेरित भी करना चाहता है। अंतरिक्ष पर्यटन की संभावना अंतरिक्ष विज्ञान के साथ सार्वजनिक जुड़ाव के लिए नए रास्ते खोल सकती है, जिससे यह दुनिया भर के लोगों के लिए अधिक सुलभ हो जाएगा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

खाड़ी देशों ने की ईरान से बगावत! तेहरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का...

0
नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज 26वां दिन है। इस युद्ध में ईरान ने अमेरिका से बदला लेने के लिए...

जनजातीय समुदायों का योगदान हर युग में महत्वपूर्ण रहा: केन्द्रीय राज्य मंत्री दुर्गा दास

0
नई दिल्ली: जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने कहा कि जनजातीय समुदायों का योगदान हर युग में महत्वपूर्ण रहा है और...

पश्चिम एशिया की स्थिति पर संसद परिसर में हुई सर्वदलीय बैठक

0
नई दिल्ली: सरकार ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में पश्चिम एशिया की स्थिति पर सर्वदलीय बैठक बुलाई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने...

मुख्यमंत्री ने देहरादून में राज्य जनजातीय महोत्सव में किया प्रतिभाग

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज परेड ग्राउंड, देहरादून में राज्य जनजातीय शोध संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आयोजित उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में...

भारतीय ज्ञान परंपरा को तकनीक से जोड़ने वाला ‘प्रज्ञानम्’ लॉन्च

0
देहरादून:  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बुधवार को लोक भवन में श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘प्रज्ञानम्’ एआई चैटबॉट...