19.8 C
Dehradun
Wednesday, April 1, 2026


spot_img

तेल-गैस आपूर्ति संकट के बीच जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से बात की

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से पश्चिम एशिया के ताजा हालातों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में चल रहे संघर्ष पर विस्तार से बात की और भविष्य में भी लगातार संपर्क में रहने पर सहमति जताई।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की। दोनों नेताओं की यह बातचीत पश्चिम एशिया संकट, खासकर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच हुई है। ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद जयशंकर ने मंगलवार को तीसरी बार अराघची से बात की।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में कहा, ‘आज शाम ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बारे में विस्तार से बातचीत हुई। हम संपर्क में रहने पर सहमत हुए।’ ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद करने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। होर्मुज स्ट्रेट, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक पतली शिपिंग लेन है, जहां से वैश्विक तेल और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का लगभग 20 प्रतिशत व्यापार होता है। जयशंकर ने अराघची को ईरान और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया।
दक्षिण कोरिया, जर्मनी के विदेश मंत्रियों से भी की बात
इससे पहले विदेश मंत्री ने मंगलवार को जर्मनी और दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों से फोन पर बात की। भारत पश्चिम एशिया के संकट से निपटने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज कर रहा है। इस बातचीत का मुख्य केंद्र ऊर्जा सुरक्षा रहा। जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल से बातचीत की। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि इस दौरान पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्र के बिगड़ते हालात पर अपने विचार साझा किए।
इसके बाद जयशंकर ने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से भी चर्चा की। उन्होंने आपसी रिश्तों को आगे बढ़ाने और पश्चिम एशिया के हालात पर बात की। जयशंकर ने बताया कि इस संकट का ऊर्जा क्षेत्र पर क्या असर पड़ रहा है, इस पर भी गंभीरता से बात हुई। दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चो ह्यून ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उम्मीद जताई कि इस साल होने वाली मुलाकातों से भारत और कोरिया के रिश्ते एक नए स्तर पर पहुंचेंगे।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग अगले दो महीनों के भीतर भारत का दौरा कर सकते हैं। चो ने कहा, विदेश मंत्री जयशंकर सहमत हुए और कहा कि दोनों देशों को रणनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। दोनों नेताओं ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी लगातार संपर्क में रहने पर सहमति जताई है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

पश्चिम एशिया संघर्ष के बावजूद भारत में स्थिति नियंत्रण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बावजूद भारत में स्थिति नियंत्रण में   है। श्री मोदी आज गुजरात...

मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलेगा “ऑपरेशन प्रहार“

0
देहरादून। देहरादून में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं की संवेदनशीलता के दृष्टिगत पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ द्वारा आज पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय...

सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 219 अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों पर हस्ताक्षर किए

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड-सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय करदाताओं के साथ रिकॉर्ड 219 अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों-एपीए पर हस्ताक्षर...

नई दिल्ली के भारत मंडपम में सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव सम्पन्न

0
नई दिल्ली: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आज सम्‍पन्‍न हो गया है। सात दिन तक चले इस...

राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत उत्तराखंड को 113.90 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता...

0
देहरादून। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा वित्त आयोग प्रभाग के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राज्य आपदा न्यूनीकरण...