27.6 C
Dehradun
Friday, June 5, 2026


spot_img

ऋषिकेश में आरवीएनएल परियोजना स्थल देखने पहुँचा ओडिशा का मीडिया प्रतिनिधिमंडल

देहरादून। ओडिशा के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने ऋषिकेश में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) की प्रोजेक्ट साइट का दौरा किया। यह प्रेस टूर भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी), भुवनेश्वर द्वारा उत्तराखंड में आयोजित किया गया है। ओडिशा के मीडिया प्रतिनिधिमंडल का आरवीएनएल के डीजीएम (सिविल) ओम प्रकाश मालगुरी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने पत्रकारों के दल को महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट की प्रगति और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को हिमालयी क्षेत्र में शुरू की गई सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पहलों में से एक माना जाता है, और इसका उद्देश्य उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी में काफी सुधार करना है।
प्रोजेक्ट साइट के दौरे के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 125 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन, जिसे लगभग 37,000 करोड़ की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है। जो ऋषिकेश को हिमालयी क्षेत्र गढ़वाल के ऊबड़-खाबड़ इलाकों से होते हुए कर्णप्रयाग से जोड़ेगी। यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड के पांच जिलों कृ देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली से होकर गुजरता है, जिससे पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
प्रोजेक्ट की इंजीनियरिंग से जुड़ी जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों ने बताया कि रेल मार्ग का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है, जिससे यह देश के सबसे ज़्यादा सुरंगों वाले रेलवे प्रोजेक्ट्स में से एक बन जाता है। इस प्रोजेक्ट में 100 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी 16 बड़ी सुरंगों का निर्माण शामिल है, साथ ही गहरी घाटियों और पहाड़ी नदियों पर कई पुल भी बनाए जा रहे हैं। दौरे के हिस्से के तौर पर, मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित शिवपुरी स्टेशन तक फैली सुरंग का दौरा करके सुरंग बनाने के काम का प्रत्यक्ष अनुभव भी लिया। सुरंग के अंदर पैदल चलकर पत्रकारों ने खुदाई के पैमाने और हिमालयी चट्टानों को काटकर रेलवे सुरंगें बनाने में इस्तेमाल की गई सटीक इंजीनियरिंग को करीब से देखा। आरवीएनएल के अधिकारियों ने बताया कि एक बार पूरा हो जाने पर, यह रेल लाइन पहाड़ी जिलों तक कनेक्टिविटी में काफी सुधार करेगी और उत्तराखंड में महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों तक पहुंच को आसान बनाएगी। इस प्रोजेक्ट से पर्यटन को बढ़ावा मिलने, आवागमन में सुधार होने और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान मिलने की भी उम्मीद है। मीडिया प्रतिनिधिमंडल में ओडिशा के नौ वरिष्ठ पत्रकार शामिल हैं, और उनके साथ पीआईबी भुवनेश्वर के सहायक निदेशक महेंद्र जेना और सूचना सहायक विकास रंजन दलाई भी मौजूद थे। इस दौरे के दौरान च्प्ठ देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंद्रियाल भी उपस्थित रहे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

मोदी सरकार के 12 वर्षों के मजबूत राजकोषीय प्रबंधन से आर्थिक स्थिरता और सामाजिक...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले बारह वर्षों में किए गए मजबूत...

भारत और वेनेजुएला ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत और...

भारत और जिम्बाब्वे ने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई

0
नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे ने रक्षा क्षेत्र में अपने सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। नई दिल्ली में आयोजित भारत-जिम्बाब्वे...

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की 213 करोड़...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुम्भ मेला-2027 तथा नन्दादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों के साथ ही राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अवस्थापना...

आपदा प्रबंधन में यूकाड़ा की बड़ी पहल, 8 हेली कंपनी दे रही 80 घंटे...

0
देहरादून। आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं एवं आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा)...