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Monday, August 24, 2026


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ऋषिकेश में आरवीएनएल परियोजना स्थल देखने पहुँचा ओडिशा का मीडिया प्रतिनिधिमंडल

देहरादून। ओडिशा के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने ऋषिकेश में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) की प्रोजेक्ट साइट का दौरा किया। यह प्रेस टूर भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी), भुवनेश्वर द्वारा उत्तराखंड में आयोजित किया गया है। ओडिशा के मीडिया प्रतिनिधिमंडल का आरवीएनएल के डीजीएम (सिविल) ओम प्रकाश मालगुरी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने पत्रकारों के दल को महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट की प्रगति और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को हिमालयी क्षेत्र में शुरू की गई सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पहलों में से एक माना जाता है, और इसका उद्देश्य उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी में काफी सुधार करना है।
प्रोजेक्ट साइट के दौरे के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 125 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन, जिसे लगभग 37,000 करोड़ की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है। जो ऋषिकेश को हिमालयी क्षेत्र गढ़वाल के ऊबड़-खाबड़ इलाकों से होते हुए कर्णप्रयाग से जोड़ेगी। यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड के पांच जिलों कृ देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली से होकर गुजरता है, जिससे पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
प्रोजेक्ट की इंजीनियरिंग से जुड़ी जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों ने बताया कि रेल मार्ग का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है, जिससे यह देश के सबसे ज़्यादा सुरंगों वाले रेलवे प्रोजेक्ट्स में से एक बन जाता है। इस प्रोजेक्ट में 100 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी 16 बड़ी सुरंगों का निर्माण शामिल है, साथ ही गहरी घाटियों और पहाड़ी नदियों पर कई पुल भी बनाए जा रहे हैं। दौरे के हिस्से के तौर पर, मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित शिवपुरी स्टेशन तक फैली सुरंग का दौरा करके सुरंग बनाने के काम का प्रत्यक्ष अनुभव भी लिया। सुरंग के अंदर पैदल चलकर पत्रकारों ने खुदाई के पैमाने और हिमालयी चट्टानों को काटकर रेलवे सुरंगें बनाने में इस्तेमाल की गई सटीक इंजीनियरिंग को करीब से देखा। आरवीएनएल के अधिकारियों ने बताया कि एक बार पूरा हो जाने पर, यह रेल लाइन पहाड़ी जिलों तक कनेक्टिविटी में काफी सुधार करेगी और उत्तराखंड में महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों तक पहुंच को आसान बनाएगी। इस प्रोजेक्ट से पर्यटन को बढ़ावा मिलने, आवागमन में सुधार होने और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान मिलने की भी उम्मीद है। मीडिया प्रतिनिधिमंडल में ओडिशा के नौ वरिष्ठ पत्रकार शामिल हैं, और उनके साथ पीआईबी भुवनेश्वर के सहायक निदेशक महेंद्र जेना और सूचना सहायक विकास रंजन दलाई भी मौजूद थे। इस दौरे के दौरान च्प्ठ देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंद्रियाल भी उपस्थित रहे।

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