23.4 C
Dehradun
Wednesday, May 13, 2026


spot_img

जलवायु वित्त लक्ष्य पर विवादों को सुलझाने के लिए राजनीतिक दिशा की जरूरत

नई दिल्ली: साल 2025 के बाद विकासशील देशों के जलवायु कार्यों का समर्थन करने के लिए एक नए वित्तीय लक्ष्य पर असहमति हल करने के लिए सही राजनीतिक दिशा की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन के प्रमुख मुख्तार बाबायेव ने बुधवार को यह बात कही।
अजरबैजान के बाकू में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के केंद्र में जलवायु वित्त होगा। जहां दुनिया नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (एनसीक्यू) पर सहमत होने की समय सीमा तक पहुंच जाएगी। विकासशील देशों में जलवायु कार्रवाई का समर्थन करने के लिए विकसित देशों को 2025 से हर साल नई राशि जुटानी होगी। लेकिन जर्मनी के बॉन में संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता को देखते हुए इस पर आम सहमति हासिल करना आसान नहीं होगा।
कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP29) के मनोनीत अध्यक्ष बाबायेव ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) पर हस्ताक्षर करने वाले करीब 200 देशों को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि कुछ प्रमुख मुद्दों पर असहमति है, जिसके लिए राजनीतिक दिशा की जरूरत होगी और हमें इन बिंदुओं पर उच्च स्तरीय चर्चा पर फोकस करना चाहिए।
बाबायेव ने कहा कि जलवायु वित्त, वार्ता और जलवायु कूटनीति में सबसे चुनौतीपूर्ण विषयों में से एक रहा है और राजनीतिक रूप से जटिल मुद्दों को अकेले वार्ताकार हल नहीं कर सकते हैं। साल 2009 में कोपेनहेगन में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में अमीर देशों ने साल 2020 से विकासशील देशों को सालाना 100 अरब डॉलर की मदद देने का वादा किया था, ताकि जलवायु प्रभावों को कम किया जा सके। लेकिन, इस लक्ष्य को हासिल करने में देरी ने विकसित और विकासशील देशों के बीच भरोसे को खत्म कर दिया है। यह वार्षिक जलवायु वार्ता के दौरान विवाद की एक वजह रही है। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए एनसीक्यूजी पर एक निष्पक्ष समझौता सर्वोच्च प्राथमिकता है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सीबीआई ने नीट-यूजी 2026 कथित पेपर लीक मामले में केस दर्ज किया

0
नई दिल्ली। केंद्रीय अनवेष्‍ण ब्यूरो- (सी.बी.आई) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 के कथित पेपर लीक के संबंध में मामला दर्ज किया...

मुख्य न्यायाधीश ने देशभर की अदालतों के आधुनिकीकरण का खाका तैयार करने के लिए...

0
नई दिल्ली। सर्वोच्‍च न्‍यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने देश भर के न्यायालयों के आधुनिकीकरण का खाका तैयार करने के लिए न्यायमूर्ति अरविंद कुमार...

इंडियन फार्माकोपिया कमीशन ने तीन राज्य फार्मेसी परिषदों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर...

0
नई दिल्ली।  इंडियन फार्माकोपिया कमीशन-आईपीसी, गाजियाबाद ने बिहार राज्य फार्मेसी परिषद, महाराष्ट्र राज्य फार्मेसी परिषद और मिजोरम राज्य फार्मेसी परिषद के साथ तीन समझौता...

खेल विश्वविद्यालय को मिली वन भूमि डायवर्जन की अंतिम स्वीकृति

0
देहरादून। उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय के निर्माण को बड़ी प्रशासनिक सफलता मिली है। भारत सरकार के वन मंत्रालय द्वारा खेल विश्वविद्यालय के लिए...

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली SIR की तैयारियों के सम्बंध में समीक्षा बैठक

0
देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने मंगलवार को आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दृष्टिगत सचिवालय में सभी जनपदों जिलाधिकारियों के साथ...