31.6 C
Dehradun
Saturday, May 2, 2026


spot_img

जलवायु वित्त लक्ष्य पर विवादों को सुलझाने के लिए राजनीतिक दिशा की जरूरत

नई दिल्ली: साल 2025 के बाद विकासशील देशों के जलवायु कार्यों का समर्थन करने के लिए एक नए वित्तीय लक्ष्य पर असहमति हल करने के लिए सही राजनीतिक दिशा की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन के प्रमुख मुख्तार बाबायेव ने बुधवार को यह बात कही।
अजरबैजान के बाकू में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के केंद्र में जलवायु वित्त होगा। जहां दुनिया नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (एनसीक्यू) पर सहमत होने की समय सीमा तक पहुंच जाएगी। विकासशील देशों में जलवायु कार्रवाई का समर्थन करने के लिए विकसित देशों को 2025 से हर साल नई राशि जुटानी होगी। लेकिन जर्मनी के बॉन में संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता को देखते हुए इस पर आम सहमति हासिल करना आसान नहीं होगा।
कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP29) के मनोनीत अध्यक्ष बाबायेव ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) पर हस्ताक्षर करने वाले करीब 200 देशों को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि कुछ प्रमुख मुद्दों पर असहमति है, जिसके लिए राजनीतिक दिशा की जरूरत होगी और हमें इन बिंदुओं पर उच्च स्तरीय चर्चा पर फोकस करना चाहिए।
बाबायेव ने कहा कि जलवायु वित्त, वार्ता और जलवायु कूटनीति में सबसे चुनौतीपूर्ण विषयों में से एक रहा है और राजनीतिक रूप से जटिल मुद्दों को अकेले वार्ताकार हल नहीं कर सकते हैं। साल 2009 में कोपेनहेगन में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में अमीर देशों ने साल 2020 से विकासशील देशों को सालाना 100 अरब डॉलर की मदद देने का वादा किया था, ताकि जलवायु प्रभावों को कम किया जा सके। लेकिन, इस लक्ष्य को हासिल करने में देरी ने विकसित और विकासशील देशों के बीच भरोसे को खत्म कर दिया है। यह वार्षिक जलवायु वार्ता के दौरान विवाद की एक वजह रही है। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए एनसीक्यूजी पर एक निष्पक्ष समझौता सर्वोच्च प्राथमिकता है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

मानसून से पहले उत्तराखण्ड को बड़ी सौगात, सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम से एलर्ट का सफल...

0
देहरादून। राष्ट्रीय स्तर पर आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शनिवार...

15 जून तक सीएम घोषणाओं के लंबित शासनादेश जारी करने के निर्देश

0
देहरादून। मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा उनकी प्रभावी निगरानी के लिए प्रोग्राम इवैल्यूएशन एंड रिव्यू टेक्निक (पी.ई.आर.टी.) चार्ट तैयार किया...

भूमि फर्जीवाड़े पर बड़ी कार्रवाई, आयुक्त ने 24 मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के...

0
देहरादून। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक...

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर कल पुनर्मतदान के दिए...

0
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग में आज पश्चिम बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया। मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 और...

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानें आगामी 15 जून 2026 से होंगी शुरू

0
नई दिल्ली। नोएडा अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डे ने 15 जून 2026 से हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक उडान परिचालन की शुरुआत करने की घोषणा की। इससे...