नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सामुदायिक भागीदारी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाती है और नागरिकों को अपने चारों ओर होने वाली घटनाओं के प्रति निष्क्रिय पर्यवेक्षक नहीं होना चाहिए। उन्होंने ”जन भागीदारी” को जनता-केंद्रित सुरक्षा का आधार बताया।
इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि इंटरनेट मीडिया ने सूचना और संचार की दुनिया को बदल दिया है और इसमें सृजन और विनाश दोनों की क्षमता है। मुर्मु ने कहा, ”गलत सूचना से लोगों की रक्षा करना एक बहुत चुनौतीपूर्ण कार्य है। यह कार्य निरंतर और प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए। सक्रिय इंटरनेट मीडिया उपयोगकर्ताओं का एक समुदाय बनाने की आवश्यकता है जो राष्ट्रीय हित में तथ्य-आधारित कथानक प्रस्तुत करे।”
मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से एक सतर्क, शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में ”हम सभी तेजी से आगे बढ़ेंगे”। उन्होंने कहा कि सतर्क नागरिकों के कई उदाहरण हैं जिन्होंने सुरक्षा संकटों को टालने में पेशेवर बलों की मदद की है। लोगों को अपने चारों ओर होने वाली घटनाओं के प्रति निष्कि्रय पर्यवेक्षक नहीं होना चाहिए।
उन्हें अपने आसपास और उससे परे क्षेत्रों की सुरक्षा में सतर्क और सक्रिय भागीदार बनना चाहिए। ‘जन भागीदारी’ जनता-केंद्रित सुरक्षा का आधार है।” राष्ट्रपति के इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गृह मंत्रालय के राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और आइबी प्रमुख तपन कुमार डेका सहित अन्य उपस्थित थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों से सक्रिय भूमिका का किया आह्वान
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