13.4 C
Dehradun
Friday, January 16, 2026


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शांति विधेयक को दी मंजूरी

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के शीतकालीन सत्र में पारित सतत परमाणु ऊर्जा दोहन एवं विकास (शांति) विधेयक को भी मंजूरी दे दी है, जिसके बाद यह कानून बन गया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने शनिवार को शांति विधेयक को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही असैन्य परमाणु क्षेत्र से संबंधित सभी कानून अब शांति कानून में समाहित हो गए हैं और इस क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी का दरवाजा भी खुल गया है।
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से सिविल न्यूक्लियर कानून में बदलाव के लिए लाया गया विधेयक गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा में पारित हो गया था। शांति 2025 विधेयक का पूरा नाम सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया है। यह बिल भारत में नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक नया कानून बनाता है और निजी कंपनियों को इसमें भाग लेने का अवसर देता है।
इस बिल के लागू होने से 1962 का एटॉमिक एनर्जी एक्ट और 2010 का सिविल लाइबिलिटी फॉर न्यूक्लियर डैमेज एक्ट रद्द हो गया, जो पहले नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र की विकास में बाधा बने हुए थे। ऐसे में अब शांति विधेयक के अनुसार, अब निजी कंपनियां और संयुक्त उद्यम सरकार से लाइसेंस लेकर न्यूक्लियर पावर प्लांट्स का निर्माण, संचालन और डी-कमीशनिंग कर सकती हैं।
हालांकि, यूरेनियम और थोरियम की खनन, उन्नयन, आइसोटोपिक पृथक्करण, खर्च हुए ईंधन का पुनःप्रसंस्करण, उच्च स्तर का रेडियोधर्मी कचरा प्रबंधन और भारी जल उत्पादन केवल केंद्र सरकार या सरकारी संस्थाओं के अधिकार में रहेगा। इस बिल से भारत में नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
शांति, 2025 विधेयक में परमाणु ऊर्जा के उत्पादन, इस्तेमाल और नियमन के लिए एक नया वैध ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा रेडिएशन के मानकों को लेकर भी इस विधेयक में कई नियम शामिल किए गए हैं। विधेयक में कहा गया है कि परमाणु ऊर्जा भारत की स्वच्छ ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी अहम है। खासकर जैसे-जैसे ऊर्जा की मांग वाली तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डाटा सेंटर्स और उत्पादन की मांग बढ़ती जा रही है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सेब की अति सघन बागवानी योजना को लेकर मुख्य सचिव ने ली बैठक, दिए...

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में सेब की अति सघन बागवानी योजना के सम्बन्ध में शासन में उच्चाधिकारियों...

आईआईटी रुड़की में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं सहनशीलता विषय पर आयोजित कार्यशाला को सीएम...

0
रुड़कीः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं सहनशीलता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला...

जी राम जी स्कीम में काम आएगा मनरेगा का जॉब कार्ड, रोजगार योजना जल्द...

0
नई दिल्ली। ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने के लिए बने विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) में पूर्व के मनरेगा कार्ड...

डिजिटल अरेस्ट से निपटने के लिए उच्च स्तरीय समिति का किया गठन, गृह मंत्रालय...

0
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि डिजिटल अरेस्ट के मामलों की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति...

ईडी अफसरों पर नहीं होगी FIR, अगली सुनवाई तीन फरवरी को; सुप्रीम कोर्ट से...

0
नई दिल्ली: कोलकाता में बीते आठ जनवरी को आई-पैक के कार्यालय और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर हुई प्रवर्तन निदेशालय की रेड को...