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Saturday, February 21, 2026


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निजी अस्पताल मरीजों को सूचना अधिकार के अंतर्गत सूचना देने से इंकार नहीं नहीं कर सकते

देहरादून। निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों को सूचना अधिकार के अंतर्गत सूचना देने से इंकार नहीं किया जा सकता। Clinical Establishments Act के तहत पंजीकृत एवं राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की योजना (गोल्डन कार्ड एवं आयुष्मान) के अंतर्गत उपचार करने वाले समस्त निजी अस्पतालों को सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सूचना देनी होगी। निजी अस्पतालों पर सूचना अधिकार अधिनियम प्रभावी होगा। सभी जिलों के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी एवं राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण निजी अस्पतालों से सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत वांछित सूचना प्राप्त करना सुनिश्चित करेंगे। राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने यह निर्णय वैलमेड अस्पताल से एक मरीज द्वारा उपचार के संबंध में सूचना दिये जाने से इंकार किये जाने पर दिया। आयोग द्वारा राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के लोक सूचना अधिकारी को निजी अस्पतालों की सूचना प्रदान नहीं किये जाने पर नोटिस जारी किया गया है। आयोग में सुनवाई के दौरान अवगत कराया गया कि प्रदेश में निजी अस्पतालों का संचालन The Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act 2010 के अंतर्गत The Uttarakhand Clinical Establishments (Registration and Regulation) Rules 2013 के अंतर्गत किया जाता है। प्रत्येक निजी अस्पताल को The Clinical Establishments Act के अंतर्गत पंजीयन कराना अनिवार्य है। सुनवाई में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से उपस्थित डा० वंदना सेमवाल ने अवगत कराया कि The Clinical Establishments Rules के अनुसार पंजीकृत निजी अस्पतालों द्वारा उपचारित किये गये मरीजों का चिकित्सा अभिलेख एवं राष्ट्रीय कार्यक्रमों के संदर्भ में स्वास्थ्य सांख्यिकी सूचना जिला प्राधिकरण को भेजे जाने का प्राविधान है तथा अधिनियम (The Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act 2010) में निजी अस्पतालों द्वारा चिकित्सा अभिलेखों का अनुरक्षण किये जाने का स्पष्ट प्राविधान है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से उपस्थित लोक सूचना अधिकारी द्वारा पृच्छा किये जाने पर अवगत कराया गया कि यदि निजी अस्पताल सरकार की गोल्डन कार्ड अथवा आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों का उपचार करना चाहते है तो निजी अस्पतालों को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की शर्तों / नियम के अधीन राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण में पंजीकरण कराने की अनिवार्यता है। पंजीकृत निजी अस्पतालों द्वारा इस योजना के अंतर्गत मरीजों का उपचार किये जाने पर भुगतान राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा किया जाता है। प्रस्तुत अपील में पक्षकार वैलमेड अस्पताल गोल्डन कार्ड एवं आयुष्मान योजना के अंतर्गत उपचार हेतु पंजीकृत है।

चर्चा के उपरांत राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने स्पष्ट किया कि निजी अस्पतालों द्वारा सूचना अधिकार के अंतर्गत मरीज को सूचना दिये जाने से इंकार नहीं किया जा सकता। प्रत्येक निजी अस्पताल मरीज के उपचार का संपूर्ण विवरण पूरी पारदर्शिता के साथ मरीज को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। Clinical Establishments Act का उददेश्य अस्पतालों में मरीजों को पारदर्शी जिम्मेदारी पूर्वक उपचार दिलाना है तथा प्रदेश में समस्त निजी अस्पतालों का संचालन के अंतर्गत किया जा रहा है अतः किसी मरीज द्वारा स्वयं के उपचार से संबंधित विवरण सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मांगा जा रहा है तो संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अधिनियम की धारा 5(4) एवं Clinical Establishments Act में प्रदत्त अधिकार का प्रयोग करते हुए निजी अस्पताल से वांछित सूचना प्राप्त कर मरीज को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यह स्पष्ट किया जाता है कि निजी अस्पताल सूचना का अधिकार अधिनियम की परिधि में न आने का कथन करते हुए किसी मरीज को उसे दिये उपचार से संबंधित विवरण उपलब्ध कराने से इंकार नहीं कर सकते। जिस सीमा तक Clinical Establishments Act के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग का निजी अस्पतालों पर नियंत्रण है उस सीमा तक सूचना अधिकार के अंतर्गत सूचना दिये जाने से निजी अस्पतालों द्वारा इंकार नहीं किया जा सकता। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि यदि किसी मरीज का उपचार गोल्डन कार्ड अथवा आयुष्मान योजना के अंतर्गत हुआ है तो राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण संबंधित निजी अस्पताल के संबंध में सूचना उपलब्ध कराने से यह कहते हुए मना नहीं कर सकता है कि निजी अस्पताल सूचना अधिकार के अंतर्गत नहीं आते हैं। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की निजी अस्पतालों से संबंधित जिस सूचना तक पहुंच है वह सूचना अधिकार अधिनियम के प्राविधानों के अंतर्गत प्राधिकरण द्वारा दी जायेगी। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण अस्पतालों को योजना के अंतर्गत पंजीकृत करते हुए अस्पतालों को यह स्पष्ट किया जाये कि सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मांगे जाने वाली सूचना अधिनियम के प्राविधानों के अनुसार देनी होगी।

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