26.4 C
Dehradun
Monday, March 16, 2026


spot_img

‘एसआईआर के तहत हटाए गए 3.66 लाख मतदाताओं का ब्योरा दें’, सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को निर्देश

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वह बिहार की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद तैयार की गई अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए 3.66 लाख मतदाताओं की जानकारी कोर्ट को दे। चुनाव आयोग ने शीर्ष कोर्ट को बताया कि अधिकतर नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं और जिनके नाम हटाए गए हैं, उनमें से अब तक किसी ने कोई शिकायत या अपील दर्ज नहीं करवाई है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग को गुरुवार यानी नौ अक्तूबर तक उपलब्ध जानकारी कोर्ट को सौंपनी होगी, क्योंकि उसी दिन इस मामले में अगली सुनवाई होगी। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि मसौदा सूची और 30 सितंबर को प्रकाशित की गई अंतिम सूची सबके पास है, इसलिए दोनों सूचियों की तुलना करके जरूरी जानकारी दी जा सकती है। न्यायमूर्ति बागची ने चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी से कहा कि कोर्ट के आदेशों से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनसामान्य की पहुंच बढ़ी है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि देखने को मिल रही है, इसलिए किसके नाम जोड़े गए हैं (पुराने हटाए गए नाम हैं या नए मतदाता हैं) यह स्पष्ट किया जाना चाहिए ताकि भ्रम न हो। न्यायमूर्ति बागची ने कहा, आप भी मानेंगे कि पारदर्शिता और पहुंच में सुधार हुआ है। ऐसा लग रहा है कि आपने मसौदा सूची में 65 लाख नाम हटाए। हमने कहा था कि जो मृतक हैं या कहीं और चले गए हैं, उन्हें हटाना ठीक है। लेकिन अगर किसी का नाम हटा रहे हैं तो नियम 21 और एसओपी का पालन करें। उन्होंने कहा, हमने यह भी कहा था कि हटाए गए नामों की जानकारी अपने दफ्तरों में लगाएं। अब अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़ गई है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी है कि जोड़े गए नाम पुराने हटाए गए लोगों के हैं या नए मतदाताओं के। इस पर वकील द्विवेदी ने जवाब दिया कि अधिकतर जोड़े गए नाम नए मतदाताओं के हैं। हालांकि, कुछ पुराने मतादाता भी हैं जिनके नाम मसौदा सूची के बाद जोड़े गए। उन्होंने कहा, अब तक किसी भी हटाए गए मतदाता ने कोई शिकायत या अपील दर्ज नहीं करवाई है।
30 सितंबर को चुनाव आयोग ने बिहार की अंतिम मतदाता सूची जारी की थी। आयोग ने बताया कि कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 47 लाख घटकर 7.42 करोड़ रह गई, जो पहले 7.89 करोड़ थी। यह विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद हुआ। हालांकि, मसौदा सूची (एक अगस्त को जारी) की तुलना में अंतिम आंकड़ा 17.87 लाख बढ़ा है। मसौदा सूची में 65 लाख मतदाताओं को हटाया गया था, जिनमें वे लोग शामिल थे जो मर चुके थे, दूसरी जगह पर चले गए थे (प्रवास) या जिनके नाम सूची में दो बार दर्ज थे (डुप्लीकेट)।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

नेपाल के गोरखा जिले में बस दुर्घटना में सात भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत

0
नई दिल्ली। नेपाल के गोरखा जिले में कल शाम एक बस दुर्घटना में सात भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल...

सरकार ने पीएनजी कनेक्शन धारकों को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने का निर्देश दिया

0
नई दिल्ली।  पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) दोनों के कनेक्शन वाले परिवारों को...

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सऊदी अरब और यूएई के विदेश मंत्रियों से की...

0
नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान और संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री तथा विदेश...

निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुद्दुचेरी और तमिलनाडु में एक चरण, पश्चिम बंगाल में...

0
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने आज असम, केरल, पुद्दुचेरी और तमिलनाडु में एक चरण में विधानसभा चुनाव कराने की घोषणा की, जबकि पश्चिम बंगाल...

लोक भवन में पारंपरिक रूप से मनाया गया लोकपर्व फूलदेई

0
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने लोक भवन में उत्तराखण्ड के पारंपरिक लोकपर्व फूलदेई को हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ...