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Tuesday, September 8, 2026


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हाई-टेक सिक्योरिटी और हथियारों से लैस है रेल फोर्स वन, पीएम मोदी इसी ट्रेन से करेंगे सफर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पोलैंड से ट्रेन से 10 घंटे का सफर तय करके यूक्रेन पहुंचेंगे। इस ट्रेन का नाम रेल फोर्स वन है। यह एक विशेष ट्रेन है, जिसे लक्जरी सुविधाओं और विश्व स्तरीय सेवा के लिए जाना जाता है। आइये जानते हैं कि इस ट्रेन की खूबियों के बारे में, जो इसे विशेष ट्रेन बनाती हैं। रात में ही चलती है रेल फोर्स वन यूक्रेन जाने वाले ज्यादातर नेता, पत्रकार, राजनयिक रेल फोर्स वन से ही सफर करते हैं। ये धीमी गति से चलने वाली लक्जरी ट्रेन है, जो सिर्फ रात में चलती है। ये पोलैंड से 600 किलोमीटर का सफर तय कर यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचती है।
यूक्रेन में अलग-अलग ट्रेनें चलती हैं लेकिन रेल फोर्स वन सबसे खास है। इसे क्रीमिया में पर्यटन के लिए डिजाइन किया गया था। रूस ने 2014 में क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद से इसका इस्तेमाल व‌र्ल्ड लीडर्स और वीआइपी मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए किया जाता है। रेल फोर्स वन में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी समेत कई नेता यात्रा कर चुके हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लादिमीर जेलेंस्की भी विदेश जाने के लिए इसी ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं। सुरक्षा के लिए हैं पुख्ता इंतजाम वीआइपी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन को अत्याधुनिक सुरक्षा उपायों से लैस किया गया है। इसमें बेहद सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम हैं। हाई-टेक सुरक्षाकर्मियों की टीम लगातार निगरानी करती है। ट्रेन को इस तरह से बनाया गया है कि यह बेहद चुनौतीपूर्ण हालात का सामना कर सके।
यही वजह है कि अभी तक इस ट्रेन में सुरक्षा को को लेकर कभी शिकायत नहीं मिली है।ट्रेन में आलीशान होटल जैसा कमरेरेल फोर्स वन का इंटीरियर बेहद खूबसूरत है। इसके कमरे किसी आलीशान होटल जैसे हैं। रेल फोर्स वन के कंपार्टमेंट लकड़ी से बने हैं। अहम बैठकों के लिए बड़ी कान्फ्रेंस टेबल का भी इंतजाम है। इसके अलावा आलीशान सोफा और टीवी भी लगा है।
युद्ध के दौरान ट्रेन के सफर को आसान बनाने के लिए रेल फोर्स वन में इलेक्ट्रिक इंजन की जगह डीजल इंजन लगे हैं। दरअसल रूस रेल लाइन के साथ-साथ यूक्रेन के इलेक्ट्रिक ग्रिड पर भी हमला करता है। ऐसे में अगर ट्रेन में इलेक्ट्रिक ग्रिड लगा है तो वह ठप पड़ जाएगी, वहीं, डीजल इंजन पर इसका असर नहीं पड़ेगा। रेल वन फोर्स की सफलता का श्रेय यूक्रेन रेलवे के पूर्व सीईओ और अब मंत्री एलेक्जेंडर कैमिशिन को दिया जाता है। उन्होंने ही अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के सफर के बाद इस ट्रेन को रेल फोर्स वन नाम दिया था।

 

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