प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इस साल हुए महाकुंभ में कई रकॉर्ड बने हैं। बीते 45 दिनों में 66 करोड़ से ज्यादा भक्तों ने महाकुंभनगरी पहुंचकर संगम में डुबकी लगाई है। अगर संख्या के लिहाज से बात करें तो यह भारत की कुल आबादी का 50 फीसदी से ज्यादा है। यानी आधे से ज्यादा भारत इस बार महाकुंभ में डुबकी लगा चुका है। इतना ही नहीं इस महाकुंभ में इस बार और भी कई रिकॉर्ड बने हैं।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर इस बार महाकुंभ में क्या-क्या रिकॉर्ड बने हैं? संख्या के लिहाज से यह आयोजन कितना बड़ा है। बीते 45 दिनों में प्रयागराज की जनसंख्या कितने देशों की आबादी से ज्यादा रही है? इसके अलावा इस महाकुंभ में ऐसे कौन से रिकॉर्ड हैं, जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह बना सकते हैं। भारत की आबादी के चलते यहां होने वाले कई आयोजनों में लाखों लोगों की संख्या देखी जाती है। हालांकि, कुंभ मेलों में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों का समागम देखते ही बनता है। यही वजह है कि दुनिया के कुछ सबसे बड़े जुटावों में 2025 के महाकुंभ मेले से पहले 2019 को प्रयागराज में हुआ अर्ध कुंभ, 2013 में प्रयागराज में हुआ कुंभ और 2010 में हरिद्वार में हुआ कुंभ शामिल है।
चौंकाने वाली बात यह है कि दुनिया में किसी भी धार्मिक, सांस्कृतिक या अन्य आयोजनों में इतनी भीड़ नहीं जुटी है। उदाहरण के लिए सऊदी अरब में हर साल होने वाले हज में करीब 25 लाख मुस्लिम मक्का में एकत्रित होते हैं। दूसरी तरफ इराक में हर साल होने वाले अरबईन में दो दिन में 2 करोड़ से अधिक तीर्थयात्री जुटते हैं।
प्रयागराज में 45 दिन में जुटे श्रद्धालुओं की संख्या दुनिया के 231 देशों की आबादी से ज्यादा है। सिर्फ भारत और चीन की आबादी ही प्रयागराज पहुंचे लोगों की संख्या से ज्यादा रही। जहां भारत की अनुमानित आबादी 145 करोड़ है, वहीं चीन की अनुमानित जनसंख्या 141 करोड़ है। इसके बाद नंबर आता है अमेरिका का, जहां की आबादी महज 34 करोड़ है। यानी महाकुंभनगर में पहुंचे लोगों के मुकाबले सिर्फ आधी।
महाकुंभ में अमेरिका की दोगुनी से ज्यादा, पाकिस्तान की ढाई गुना से अधिक और रूस की चार गुनी से ज्यादा आबादी के बराबर श्रद्धालु यहां अब तक आ चुके हैं। यही नहीं, जापान की पांच गुना आबादी, यूके की 10 गुना से ज्यादा आबादी और फ्रांस की 15 गुना से ज्यादा आबादी ने यहां आकर त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगाई है। दूसरी तरफ अगर इस आबादी की अलग-अलग महाद्वीप की जनसंख्या से भी तुलना करें तो यह कई रिकॉर्ड तोड़ती है। मसलन दुनिया में आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से एशिया सबसे बड़ा महाद्वीप है, जबकि ऑस्ट्रेलिया सबसे छोटा महाद्वीप है। प्रयागराज में 45 दिन में जितने श्रद्धालु पहुंचे हैं, वह तीन महाद्वीप- ऑस्ट्रेलिया, उत्तर अमेरिका और दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप से ज्यादा रही। वहीं, यूरोप की आबादी से अगर रूस को निकाल दिया जाए तो महाकुंभ में यूरोप से ज्यादा आबादी पहुंची।
महाकुंभ में बने रिकॉर्ड: 45 दिन में 66 करोड़ भक्तों ने लगाई डुबकी
Latest Articles
भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति की नई दिल्ली में हुई पहली बैठक भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा...
नई दिल्ली। भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति- जेडीसी की पहली बैठक आज नई दिल्ली में हुई। बैठक के दौरान, दोनों देशों ने प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास,...
नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 547; सीमा के दोनों तरफ...
नई दिल्ली। नेपाल और तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 547 हो गई है। 1,545 लोग अब भी लापता हैं। राहत...
भारत ने नेपाल में बचाव और राहत कार्यों के लिए 47 टन से ज़्यादा...
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में बुधवार को अचानक बाढ़ की त्रासदी के बाद 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो...
लोक भवन में उल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया गया रक्षाबंधन पर्व
देहरादून: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आज लोक भवन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि)...
मुख्यमंत्री धामी की बड़ी घोषणाः अब 60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज...
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक...
















