28.1 C
Dehradun
Saturday, June 13, 2026


spot_img

महाकुंभ में बने रिकॉर्ड: 45 दिन में 66 करोड़ भक्तों ने लगाई डुबकी

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इस साल हुए महाकुंभ में कई रकॉर्ड बने हैं। बीते 45 दिनों में 66 करोड़ से ज्यादा भक्तों ने महाकुंभनगरी पहुंचकर संगम में डुबकी लगाई है। अगर संख्या के लिहाज से बात करें तो यह भारत की कुल आबादी का 50 फीसदी से ज्यादा है। यानी आधे से ज्यादा भारत इस बार महाकुंभ में डुबकी लगा चुका है। इतना ही नहीं इस महाकुंभ में इस बार और भी कई रिकॉर्ड बने हैं।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर इस बार महाकुंभ में क्या-क्या रिकॉर्ड बने हैं? संख्या के लिहाज से यह आयोजन कितना बड़ा है। बीते 45 दिनों में प्रयागराज की जनसंख्या कितने देशों की आबादी से ज्यादा रही है? इसके अलावा इस महाकुंभ में ऐसे कौन से रिकॉर्ड हैं, जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह बना सकते हैं। भारत की आबादी के चलते यहां होने वाले कई आयोजनों में लाखों लोगों की संख्या देखी जाती है। हालांकि, कुंभ मेलों में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों का समागम देखते ही बनता है। यही वजह है कि दुनिया के कुछ सबसे बड़े जुटावों में 2025 के महाकुंभ मेले से पहले 2019 को प्रयागराज में हुआ अर्ध कुंभ, 2013 में प्रयागराज में हुआ कुंभ और 2010 में हरिद्वार में हुआ कुंभ शामिल है।
चौंकाने वाली बात यह है कि दुनिया में किसी भी धार्मिक, सांस्कृतिक या अन्य आयोजनों में इतनी भीड़ नहीं जुटी है। उदाहरण के लिए सऊदी अरब में हर साल होने वाले हज में करीब 25 लाख मुस्लिम मक्का में एकत्रित होते हैं। दूसरी तरफ इराक में हर साल होने वाले अरबईन में दो दिन में 2 करोड़ से अधिक तीर्थयात्री जुटते हैं।
प्रयागराज में 45 दिन में जुटे श्रद्धालुओं की संख्या दुनिया के 231 देशों की आबादी से ज्यादा है। सिर्फ भारत और चीन की आबादी ही प्रयागराज पहुंचे लोगों की संख्या से ज्यादा रही। जहां भारत की अनुमानित आबादी 145 करोड़ है, वहीं चीन की अनुमानित जनसंख्या 141 करोड़ है। इसके बाद नंबर आता है अमेरिका का, जहां की आबादी महज 34 करोड़ है। यानी महाकुंभनगर में पहुंचे लोगों के मुकाबले सिर्फ आधी।
महाकुंभ में अमेरिका की दोगुनी से ज्यादा, पाकिस्तान की ढाई गुना से अधिक और रूस की चार गुनी से ज्यादा आबादी के बराबर श्रद्धालु यहां अब तक आ चुके हैं। यही नहीं, जापान की पांच गुना आबादी, यूके की 10 गुना से ज्यादा आबादी और फ्रांस की 15 गुना से ज्यादा आबादी ने यहां आकर त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगाई है। दूसरी तरफ अगर इस आबादी की अलग-अलग महाद्वीप की जनसंख्या से भी तुलना करें तो यह कई रिकॉर्ड तोड़ती है। मसलन दुनिया में आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से एशिया सबसे बड़ा महाद्वीप है, जबकि ऑस्ट्रेलिया सबसे छोटा महाद्वीप है। प्रयागराज में 45 दिन में जितने श्रद्धालु पहुंचे हैं, वह तीन महाद्वीप- ऑस्ट्रेलिया, उत्तर अमेरिका और दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप से ज्यादा रही। वहीं, यूरोप की आबादी से अगर रूस को निकाल दिया जाए तो महाकुंभ में यूरोप से ज्यादा आबादी पहुंची।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सरकार श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम अमरनाथ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध:...

0
नई दिल्ली। केन्‍द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार श्रृद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम अमरनाथ यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध...

एयर इंडिया एआई-171 विमान दुर्घटना की जांच पेशेवर तरीके से की जा रही: राम...

0
नई दिल्ली। नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि एयर इंडिया एआई-171 विमान दुर्घटना की जांच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं के...

पीएम मोदी ने हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को सराहा

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वित्तीय समावेशन और उद्यमिता से लेकर शिक्षा, हेल्थकेयर, साफ़-सफ़ाई, आवास, खेल, विज्ञान और गवर्नेंस तक, महिलाएं...

आत्मविश्वास, सुरक्षित और विश्व पटल में दस्तक का स्वर्णिम कालखंड है पीएम मोदी का...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पीएम मोदी के सर्वाधिक बतौर निर्वाचित प्रधानमंत्री कार्यकाल देश की प्रगति और विकास के लिए समर्पित...

मानसून जनित आपदाओं से निपटने के लिए क्षमता निर्माण पर जोर

0
देहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम), गृह मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मानसून पूर्व...