31.6 C
Dehradun
Friday, April 3, 2026


spot_img

भोपाल की प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था आरओ/एआरओ प्रश्नपत्र, छह गिरफ्तार

– पेपर से आठ दिन पहले कर दिया था खेला

प्रयागराज: उप्र लोक सेवा आयोग की आरओ/एआरओ परीक्षा का प्रश्नपत्र भोपाल स्थित प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ। परीक्षा से आठ दिन पहले ही राजीव नयन मिश्र एंड कंपनी ने प्रिंटिंग प्रेस कर्मचारी सुनील रघुवंशी की मदद से पेपर बाहर निकलवा लिया था। आरोपी कर्मचारी के साथ ही कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर एसटीएफ ने रविवार को मामले का पर्दाफाश कर दिया।
एसटीएफ ने 21 अप्रैल को खुलासा किया था कि आरओ/एआरओ परीक्षा का प्रश्नपत्र प्रयागराज के बिशप जॉनसन गर्ल्स कॉलेज केंद्र के अलावा एक अन्य जगह से भी लीक कराया गया। मेरठ जेल में बंद नकल माफिया राजीव नयन मिश्र से पूछताछ में पता चला था कि उसे यह पेपर उसके दोस्त सुभाष प्रकाश निवासी मधुबनी ने पहले ही भेजा था। इसके बाद से ही सुभाष की तलाश की जा रही थी।
एसटीएफ को जांच में पता चला कि परीक्षा का प्रश्नपत्र उप्र लोक सेवा आयोग की ओर से भोपाल स्थित प्रिंटिंग प्रेस में छपवाया गया था। यह भी पता चला कि तब सिपाही भर्ती का पेपर आउट कराने वाला मास्टरमाइंड राजीव नयन भी अपने गैंग के कुछ सदस्यों के साथ भोपाल में ही रह रहा था। जांच में एक-एक कर कुल छह नाम सामने आए, जिन्हें रविवार को सटीक सूचना पर प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया। इनमें मधुबनी का सुभाष प्रकाश, प्रयागराज का विशाल दुबे, संदीप पांडेय, गया का अमरजीत शर्मा और बलिया का विवेक उपाध्याय शामिल हैं।
योजना के मुताबिक, सुनील प्रश्नपत्र की छपाई पर नजर रखने लगा। प्रिंटिंग के दौरान यदि कोई प्रश्नपत्र स्याही आदि के कारण थोड़ा बहुत खराब हो जाता है, तो उसे छांटकर अलग रखा जाता है और बाद में कटर मशीन में नष्ट कर दिया जाता है। तीन फरवरी को सुनील मशीन की मरम्मत के बहाने मौजूद था और मौका देखकर प्रिंटिंग प्रेस मशीन के एक पार्ट को बाहर ठीक कराने के नाम पर पानी की बोतल लेकर प्रेस से बाहर आ गया। इन्हीं में वह एक प्रश्नपत्र भी छिपाकर बाहर लाया और इस तरह से पेपर लीक कराया गया।
पूछताछ में सुनील ने बताया कि प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के लिए उसकी राजीव नयन एंड कंपनी से 10 लाख की डील हुई थी। उसने प्रश्नपत्र भोपाल में अपने सामने ही पढ़वाए जाने की शर्त भी रखी, ताकि व्यापक रूप से प्रश्नपत्र वायरल न होने पाए। इस पर राजीव नयन व उसके साथियों ने हामी भी भरी। हालांकि, बाद में सुभाष व विशाल ने इसकी फोटो राजीव नयन के मोबाइल पर भी भेजी जिसके बाद पेपर वायरल हुआ।सुभाष प्रकाश का मोबाइल चेक करने पर पता चला कि उसने प्रश्नपत्रों का फोटो खींचकर नौ फरवरी को ही रात 10.31 बजे सामान्य हिंदी का प्रश्नपत्र क्रमांक 4131167 और 10.32 बजे सामान्य अध्ययन का प्रश्नपत्र क्रमांक 1398546 अपने गैंग के सदस्यों को व्हाट्सएप पर भेज दिया था। यह दोनों उसी क्रमांक वाले प्रश्नपत्र हैं, जो सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

पश्चिम एशिया संकट: US ने ईरान के सबसे ऊंचे पुल को हवाई हमले में...

0
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संघर्ष के 34वें दिन ईरान को दो बड़े झटके लगे हैं। पहला, राजधानी तेहरान को करज शहर से जोड़ने वाले...

बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम. हामिदुल्लाह ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से की मुलाकात

0
नई दिल्ली। बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम. हामिदुल्लाह ने नई दिल्ली में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। भारतीय सेना ने सोशल मीडिया...

भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का किया आह्वान

0
नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा बल यू.एन.आई.एफ.आई.एल. में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हाल में हुए हमलों की निंदा करते...

एनडीएमए और यूएसडीएमए ने चारधाम यात्रा के लिए कसी कमर

0
देहरादून। गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चारधाम यात्रा के दौरान किसी...

प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकारः...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को रामनगर के छोई स्थित श्री हनुमान धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।...