35.2 C
Dehradun
Monday, April 27, 2026


spot_img

भोपाल की प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था आरओ/एआरओ प्रश्नपत्र, छह गिरफ्तार

– पेपर से आठ दिन पहले कर दिया था खेला

प्रयागराज: उप्र लोक सेवा आयोग की आरओ/एआरओ परीक्षा का प्रश्नपत्र भोपाल स्थित प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ। परीक्षा से आठ दिन पहले ही राजीव नयन मिश्र एंड कंपनी ने प्रिंटिंग प्रेस कर्मचारी सुनील रघुवंशी की मदद से पेपर बाहर निकलवा लिया था। आरोपी कर्मचारी के साथ ही कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर एसटीएफ ने रविवार को मामले का पर्दाफाश कर दिया।
एसटीएफ ने 21 अप्रैल को खुलासा किया था कि आरओ/एआरओ परीक्षा का प्रश्नपत्र प्रयागराज के बिशप जॉनसन गर्ल्स कॉलेज केंद्र के अलावा एक अन्य जगह से भी लीक कराया गया। मेरठ जेल में बंद नकल माफिया राजीव नयन मिश्र से पूछताछ में पता चला था कि उसे यह पेपर उसके दोस्त सुभाष प्रकाश निवासी मधुबनी ने पहले ही भेजा था। इसके बाद से ही सुभाष की तलाश की जा रही थी।
एसटीएफ को जांच में पता चला कि परीक्षा का प्रश्नपत्र उप्र लोक सेवा आयोग की ओर से भोपाल स्थित प्रिंटिंग प्रेस में छपवाया गया था। यह भी पता चला कि तब सिपाही भर्ती का पेपर आउट कराने वाला मास्टरमाइंड राजीव नयन भी अपने गैंग के कुछ सदस्यों के साथ भोपाल में ही रह रहा था। जांच में एक-एक कर कुल छह नाम सामने आए, जिन्हें रविवार को सटीक सूचना पर प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया। इनमें मधुबनी का सुभाष प्रकाश, प्रयागराज का विशाल दुबे, संदीप पांडेय, गया का अमरजीत शर्मा और बलिया का विवेक उपाध्याय शामिल हैं।
योजना के मुताबिक, सुनील प्रश्नपत्र की छपाई पर नजर रखने लगा। प्रिंटिंग के दौरान यदि कोई प्रश्नपत्र स्याही आदि के कारण थोड़ा बहुत खराब हो जाता है, तो उसे छांटकर अलग रखा जाता है और बाद में कटर मशीन में नष्ट कर दिया जाता है। तीन फरवरी को सुनील मशीन की मरम्मत के बहाने मौजूद था और मौका देखकर प्रिंटिंग प्रेस मशीन के एक पार्ट को बाहर ठीक कराने के नाम पर पानी की बोतल लेकर प्रेस से बाहर आ गया। इन्हीं में वह एक प्रश्नपत्र भी छिपाकर बाहर लाया और इस तरह से पेपर लीक कराया गया।
पूछताछ में सुनील ने बताया कि प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के लिए उसकी राजीव नयन एंड कंपनी से 10 लाख की डील हुई थी। उसने प्रश्नपत्र भोपाल में अपने सामने ही पढ़वाए जाने की शर्त भी रखी, ताकि व्यापक रूप से प्रश्नपत्र वायरल न होने पाए। इस पर राजीव नयन व उसके साथियों ने हामी भी भरी। हालांकि, बाद में सुभाष व विशाल ने इसकी फोटो राजीव नयन के मोबाइल पर भी भेजी जिसके बाद पेपर वायरल हुआ।सुभाष प्रकाश का मोबाइल चेक करने पर पता चला कि उसने प्रश्नपत्रों का फोटो खींचकर नौ फरवरी को ही रात 10.31 बजे सामान्य हिंदी का प्रश्नपत्र क्रमांक 4131167 और 10.32 बजे सामान्य अध्ययन का प्रश्नपत्र क्रमांक 1398546 अपने गैंग के सदस्यों को व्हाट्सएप पर भेज दिया था। यह दोनों उसी क्रमांक वाले प्रश्नपत्र हैं, जो सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

देश में भीषण गर्मी और लू का कहर तेज, दुनिया के 100 सबसे गर्म...

0
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर बढ़ता जा रहा है। दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में...

भारतीय सेना ने रोंगाली बिहू के तहत डिगबोई में अखिल असम मैराथन आयोजित किया

0
नई दिल्ली। असम में, भारतीय सेना ने रोंगाली बिहू उत्सव और जारी अपनी युवा संपर्क पहलों के अन्‍तर्गत आज डिगबोई में अखिल असम मैराथन...

जनगणना केवल सरकार का काम नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारीः प्रधानमंत्री

0
नई दिल्ली। आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर भारतीय को इस...

केदारनाथ यात्राः एसपी रुद्रप्रयाग का पैदल निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

0
देहरादून। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगमता एवं व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा बहुस्तरीय प्रबंध किए गए हैं।...

गुरुग्राम में AWPL के “विजय पर्व” कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

0
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुग्राम में आयोजित AWPL के भव्य “विजय पर्व” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने अपने संबोधन...