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Sunday, June 21, 2026


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नागपुर हिंसा के बाद सुधर रहे हालात, कई इलाकों में राहत; कुछ में अभी भी सख्त निगरानी

मुंबई: बीते 17 मार्च को दो गुटो में फैली सांप्रदायिक हिंसा के चलते राज्य भर में बातचीत तेज है। जहां आज पहली बार सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर का दौरा किया। साथ ही सुरक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए नागपुर पुलिस ने अब कई जगहों पर लगे कर्फ्यू को खत्म किया।
नागपुर में 17 मार्च को हुई हिंसा ने महाराष्ट्र की सियासत में गर्माहट तेज कर रखा है। इसी बीच जमिनी स्तर पर स्थिति समान्य होता देथ नागपुर पुलिस ने कई थाना क्षेत्रों में लगाए गए कर्फ्यू में ढील दी है। शनिवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब नागपुर के 11 में से 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू हटा लिया गया है या उसमें ढील दी गई है।
देखा जाए तो आयुक्त रविन्द्र कुमार सिंघल ने पहले नंदनवन और कपिलनगर में कर्फ्यू हटा दिया था और बाद में जोन 3 के पंचपावली, शांतिनगर, लकड़गंज तथा जोन 4 के सक्करदरा और इमामवाड़ा क्षेत्रों से भी कर्फ्यू हटा दिया गया। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अभी भी कर्फ्यू जारी है, जैसे कोतवाली, तहसील और गणेशपेठ थाना क्षेत्रों में, लेकिन अब शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक आवश्यक खरीदारी के लिए ढील दी गई है।
17 मार्च की हिंसा में घायल इरफान अंसारी की शनिवार को अस्पताल में मौत हो गई, जिसके बाद यशोधरानगर थाना क्षेत्र में कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी गई है। पुलिस ने बताया कि हिंसा के दौरान 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और इस सिलसिले में अब तक कुल 112 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इसी बीच हिंसा के बाद पहली बार सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर का दौरा किया। जहां उन्होंने शहर में कानून व्यवस्था के संबंध में नागपुर पुलिस मुख्यालय में समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद कार्रवाइयों पर बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह की वजह से हालात बिगड़े। हमने दंगाइयों की पहचान कर ली है। हम नुकसान की भरपाई उनसे ही करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भी पुलिस को निशाना बनाया, उन उपद्रवपियों को अब परिणाम भुगतने होंगे। गौरतलब है कि बीते 17 मार्च को नागपुर के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी की खबरें आईं थीं। ऐसी अफवाह थी कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के दौरान पवित्र शिलालेखों वाली चादर को नुकसान पहुंचाया गया, जिसके बाद दो गुटो में हिंसा भड़क उठी। जहां देखतें ही देखते नागपुर दहल उठा।

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