नई दिल्ली: मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा को गुरुवार को विशेष विमान के जरिए भारत लाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने उसकी प्रत्यर्पण में आ रही सभी अड़चनों को दूर कर दिया है। जो पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक राणा को लॉस एंजेलिस स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। अमेरिका में विभिन्न कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए एक बहु-एजेंसी टीम वहां पहुंच चुकी है।
राणा को भारत लाने का रास्ता तब साफ हो गया था जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अंतिम अपील को खारिज कर दिया था। उसने भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में आपातकालीन याचिका दाखिल की थी, जिसमें यह दलील दी गई थी कि भारत में उसे प्रताड़ना का सामना करना पड़ सकता है, जो अमेरिका के कानून और संयुक्त राष्ट्र के यातना विरोधी समझौते का उल्लंघन होगा। लेकिन अदालत ने उसकी दलीलों को ठुकरा दिया। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, आप सभी जानते हैं कि अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी है। जहां तक राणा के प्रत्यर्पण की बात है, इस समय मेरे पास कोई नया अपडेट नहीं है। उचित समय पर जानकारी साझा की जाएगी।
राणा ने भारत प्रत्यर्पित किए जाने से बचने के आखिरी दांव के रूप में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। दो दिन पहले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने राणा की याचिका खारिज कर दी थी। राणा को भारत लाने के लिए पहले से ही अमेरिका में भारतीय एजेंसियों की एक टीम पहुंची थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टीम ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ राणा के प्रत्यर्पण संबंधी कागजी और कानूनी प्रक्रियां पूरी की और उसे लेकर भारत रवाना हुई। सूत्रों ने बताया कि राणा बृहस्पतिवार को दोपहर बाद भारत पहुचेगा।राणा ने 27 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की एसोसिएट न्यायाधीश और ‘नाइंथ सर्किट’ की सर्किट जज एलेना कागन के समक्ष ‘बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक लगाने के लिए आपातकालीन आवेदन’ दिया था। गत माह की शुरुआत में ही कागन ने यह अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद राणा ने अपने इस आवेदन को नवीनीकृत किया था। 4 अप्रैल को इस पर सुनवाई हुई और सुप्रीम कोर्ट ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया। इससे पहले भी राणा ने बीमारी और भारत में अपनी जान को खतरा बताकर प्रत्यर्पण से छूट मांगी थी। सूत्रों ने बताया कि फरवरी में पीएम नरेंद्र मोदी की व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात में डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि उन्होंने दुष्ट राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है।
पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा है। हेडली 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। इस हमले में छह अमेरिकियों समेत कुल 166 लोग मारे गए थे। इन हमलों को 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने अंजाम दिया था। अब राणा के आने से जांच एजेंसियों को इस हमले में पाकिस्तानी सरकारी तत्वों की भूमिका उजागर करने में मदद मिलेगी।
फरवरी में व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनकी सरकार ने एक “बेहद खतरनाक व्यक्ति” को भारत प्रत्यर्पित करने को मंजूरी दी है ताकि वह न्याय का सामना कर सके। अब, कानूनी बाधाएं हटने के बाद राणा को भारत लाकर 26/11 हमलों में उसकी भूमिका के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना कराना होगा।
विशेष विमान से भारत लाया जा रहा तहव्वुर राणा
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