33.1 C
Dehradun
Wednesday, April 15, 2026


spot_img

हरिद्वार में विसर्जित की गईं CDS बिपिन रावत व उनकी पत्नी की अस्थियां

हरिद्वार: देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत एवं उनकी पत्नी मधुलिका रावत की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार गंगा में विसर्जित की गईं। उनकी दोनों बेटियां दिल्ली से अस्थि कलश लेकर हरिद्वार वीआईपी घाट पहुंचीं। जहां पर सैन्य सम्मान और विधि विधान के साथ उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जित की गई।

सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत अन्य सैन्य अधिकारियों का आठ दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलीकॉप्टर दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया था। सुबह करीब साढ़े 11 बजे परिवार के सदस्य अस्थियों को लेकर घाट पर पहुंचे। इस दौरान सेना की ओर से अंतिम सलामी दी गई। वीआईपी घाट पर सेना का बैंड और टुकड़ियां भी मौजूद रहीं।

इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने शोक संवेदना व्यक्त करते कहा कि अभी हाल ही नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर सीडीएस बिपिन रावत से मुलाकात हुई थी। उनसे उत्तराखंड और देश की सुरक्षा आदि मसलों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई थी। उनका विशेष लगाव उत्तराखंड से था। हाल ही में उन्हें रायवाला रेलवे रेलवे स्टेशन के पास आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होना था। जिसकी तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही थी। अगर आज वह हमारे बीच होते तो वह भी उस कार्यक्रम का हिस्सा बनते।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

‘राष्ट्रीय सुरक्षा सिर्फ सेना ही नहीं, जनता की भी जिम्मेदारी’, NSA अजीत डोभाल ने...

0
अहमदाबाद: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि देश की असली ताकत उसकी जनता की इच्छाशक्ति होती है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा...

निर्वाचन अधिकारी के ‘फिल्मी’ पोस्ट पर मचा बवाल, टीएमसी ने EC से की कार्रवाई...

0
कोलकाता: कोलकाता दक्षिण के चुनाव अधिकारी ने अपने एक्स पोस्ट में बॉलीवुड गाने और 'बर्नोल' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। अब इसके खिलाफ तृणमूल...

आंतरिक सुरक्षा राष्ट्र की प्रगति और विकास की अनिवार्य शर्तः राष्ट्रपति

0
नई दिल्ली। आंतरिक सुरक्षा राष्ट्र की प्रगति और विकास की अनिवार्य शर्तः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय सुरक्षा की तेजी से बदलती...

22 अप्रैल को खुलेंगे बाबा तुंगनाथ के कपाट, मदमहेश्वर के कपाट 21 मई को...

0
रुद्रप्रयाग। पंचकेदारों में तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ एवं द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर के कपाट खुलने की तिथियां वैशाखी पर्व पर शीतकालीन गद्दी स्थलों में...

बिना इनर लाइन परमिट के आदि कैलाश पहुंचे पर्यटक, प्रशासन ने दिए जांच के...

0
पिथौरागढ़। कुछ पर्यटक बिना इनर लाइन परमिट के प्रसिद्ध आदि कैलाश पहुंच गए। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा है। धारचूला...