15.1 C
Dehradun
Wednesday, May 6, 2026


spot_img

जानसू रेल टनल का ब्रेकथ ऐतिहासिकः केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

देहरादून। केंद्रीय रेल मंत्री बुधवार को एक दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और उसके बाद देवप्रयाग और जानसू के बीच बन रही जानसू टनल का भी दौरा किया, जिसका बुधवार को ही ब्रेकथ्रू हुआ। इस  दौरान उन्होंने रेलवे अधिकारीयों को उचित दिशा निर्देश भी दिए। देवप्रयाग और जनासू के बीच ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के अंतर्गत बन रही सबसे लंबी 14.57 किमी की टी-8 और टी-8एम डबल ट्यूब सुरंगों का ब्रेकथ्रू सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनासू रेलवे स्टेशन पहुंचकर सुरंग निर्माण कार्य का अवलोकन किया। इस मौके पर गढ़वाल सांसद श्री अनिल बलूनी और राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी मौजूद रहे।
14.57 किलोमीटर लंबी इन सुरंगों का निर्माण अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) की मदद से किया गया है, जो परियोजना की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। वहीं, परियोजना की शेष सुरंगों का निर्माण पारंपरिक ड्रिल एंड ब्लास्ट तकनीक से किया जा रहा है। क्षेत्र की जटिल भूगर्भीय परिस्थितियों को देखते हुए सुरंगों की खुदाई के लिए विशेष टीबीएम मशीनें जर्मनी से मंगाई गई थीं। इसके अलावा जनासू से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर एक वर्टिकल शाफ्ट (कुआंनुमा सुरंग) भी बनाई गई है, जिससे खुदाई और निर्माण कार्य में सहायता मिल सके।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सुरंग निर्माण कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की आधुनिक तकनीक से सुरंग निर्माण भविष्य की परियोजनाओं के लिए मिसाल बनेगा। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री श्री वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि आज का दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्यूंकि आज ही के दिन भारत में 1853 को पहली रेल बोरीबंदर से ठाणे के बीच चली थी और आज ही भारत की सबसे लम्बी ट्रांसपोर्टेशन टनल जानसू टनल का ब्रेकथ्रू भी हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहाड़ पर रेल लाने का जो सपना था, वह अब साकार होता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में यह सुरंग पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने सुरंग निर्माण में लगे सभी इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और श्रमिकों को इस ब्रेकथ्रू के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इसे तकनीकी प्रगति, परिश्रम और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि आने वाले समय में प्रदेश के लिए विकास और कनेक्टिविटी के नए रास्ते खोलेगी।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

यूआईडीएआई और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के बीच 5 वर्षीय सहयोग समझौता

0
नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय ने डिजिटल फोरेंसिक, साइबर सुरक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्र में पांच...

सरकार ने सर्वाेच्‍च न्‍यायालय में न्‍यायाधीशों की संख्‍या 33 से बढ़ाकर 37 की

0
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद में सर्वाेच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।...

भारत-सूडान के बीच विदेश कार्यालय परामर्श का नौवां दौर पोर्ट सूडान में आयोजित

0
नई दिल्ली। भारत और सूडान के बीच विदेश कार्यालय परामर्श का नौवां दौर पोर्ट सूडान में आयोजित किया गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि...

केंद्र सरकार ने 5,600 करोड़ रुपये से अधिक के परिव्यय के साथ कपास उत्पादकता...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के कपास क्षेत्र में बाधाओं, घटती वृद्धि और गुणवत्ता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए पांच हजार...

सुप्रीम कोर्ट में हुई महत्वपूर्ण सुनवाई

0
देहरादून: सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई, जिसकी पीठ की अध्यक्षता  न्यायमूर्ति विक्रम नाथ एवं  न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने की। यह सुनवाई उत्तराखंड...