35.2 C
Dehradun
Monday, April 27, 2026


spot_img

कार है पब्लिक प्‍लेस, अकेले ड्राइवर को भी मास्‍क लगाना जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट |Postmanindia

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मास्क पहनने को लेकर महत्‍वपूर्ण टिप्‍पणी की है. कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मास्‍क को सुरक्षा कवच बताते हुए कहा, यदि कोई शख्‍स अकेले भी ड्राइव कर रहा है तो उसके लिए भी मास्‍क लगाना जरूरी है. हाईकोर्ट ने कहा, मास्‍क सुरक्षा कवच की तरह काम करता है जो COVID-19 के प्रसार को रोकने में सहायक है. इसके अलावा कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि,“वाहन को भी पब्लिक प्लेस माना जाएगा. जब ट्रैफिक सिग्नल पर कोई वाहन रुकता है तो कई बार वाहन चालक को अपनी साइड वाली खिड़की खोलनी पड़ती है. यह वायरस इतना प्रभावशाली है कि वह इस दौरान किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है.” इसके साथ ही कोर्ट ने “अकेले वाहन चलाते समय मास्क नहीं लगाने पर चालान होने की स्थिति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है.

क्या था मामला

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की बेंच याचिकाकर्ता वकील सौरभ शर्मा की उस दलील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें वकील ने दावा किया था कि वह 9 सितंबर 2020 को अकेला निजी कार चलाकर जा रहा था. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उसे रोका और मास्क न पहनने पर 500 रुपये का जुर्माना किया. इस दौरान पीठ ने कहा कि सरकार जो भी नियम लागू कर रही है, वह आपको सुरक्षित रखने के लिए कर रही है, इसलिए इसे अहम का विषय बनाने से सभी लोग बचें.

अपना निजी व आधिकारिक वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य: दिल्ली सरकार

पूर्व में इस मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया था कि अपना निजी व आधिकारिक वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य है, जिसको लेकर पिछले साल अप्रैल में ही आदेश जारी किए गए थे, जबकि याचिकाकर्ता के वकील का कहना था कि चार अप्रैल 2020 को दिल्ली आपदा प्रबंधन अधिकरण तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी, जिसमें कहा गया था कि अकेले वाहन चला रहे व्यक्ति को मास्क पहनने की जरूरत नहीं है.

हाईकोर्ट में आज इसी तरह चार याचिकाओं पर सुनवाई हुई. इन चारों ही याचिकाओं में चालान को रद्द करने की मांग की गई है. साथ ही चालान राशि को वापस करने की मांग की गई है. दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ताओं के द्वारा मानसिक प्रताड़ना के लिए दस लाख रुपये का मुआवजा मांगा गया था.

ये भी पढ़ें: जिला योजना में 462 करोड़ 62 लाख रूपए की धनराशि स्वीकृत

spot_img

Related Articles

Latest Articles

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी आपूर्ति शतप्रतिशत बनाए रखने का किया अनुरोध

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में भेंट कर...

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कम्पलीट मैकेनिज्म तैयार करने के मुख्य सचिव ने दिए...

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की समीक्षा की। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर...

देश में भीषण गर्मी और लू का कहर तेज, दुनिया के 100 सबसे गर्म...

0
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर बढ़ता जा रहा है। दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में...

भारतीय सेना ने रोंगाली बिहू के तहत डिगबोई में अखिल असम मैराथन आयोजित किया

0
नई दिल्ली। असम में, भारतीय सेना ने रोंगाली बिहू उत्सव और जारी अपनी युवा संपर्क पहलों के अन्‍तर्गत आज डिगबोई में अखिल असम मैराथन...

जनगणना केवल सरकार का काम नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारीः प्रधानमंत्री

0
नई दिल्ली। आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर भारतीय को इस...