23.5 C
Dehradun
Tuesday, August 4, 2026


spot_img

कार है पब्लिक प्‍लेस, अकेले ड्राइवर को भी मास्‍क लगाना जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट |Postmanindia

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मास्क पहनने को लेकर महत्‍वपूर्ण टिप्‍पणी की है. कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मास्‍क को सुरक्षा कवच बताते हुए कहा, यदि कोई शख्‍स अकेले भी ड्राइव कर रहा है तो उसके लिए भी मास्‍क लगाना जरूरी है. हाईकोर्ट ने कहा, मास्‍क सुरक्षा कवच की तरह काम करता है जो COVID-19 के प्रसार को रोकने में सहायक है. इसके अलावा कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि,“वाहन को भी पब्लिक प्लेस माना जाएगा. जब ट्रैफिक सिग्नल पर कोई वाहन रुकता है तो कई बार वाहन चालक को अपनी साइड वाली खिड़की खोलनी पड़ती है. यह वायरस इतना प्रभावशाली है कि वह इस दौरान किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है.” इसके साथ ही कोर्ट ने “अकेले वाहन चलाते समय मास्क नहीं लगाने पर चालान होने की स्थिति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है.

क्या था मामला

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की बेंच याचिकाकर्ता वकील सौरभ शर्मा की उस दलील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें वकील ने दावा किया था कि वह 9 सितंबर 2020 को अकेला निजी कार चलाकर जा रहा था. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उसे रोका और मास्क न पहनने पर 500 रुपये का जुर्माना किया. इस दौरान पीठ ने कहा कि सरकार जो भी नियम लागू कर रही है, वह आपको सुरक्षित रखने के लिए कर रही है, इसलिए इसे अहम का विषय बनाने से सभी लोग बचें.

अपना निजी व आधिकारिक वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य: दिल्ली सरकार

पूर्व में इस मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया था कि अपना निजी व आधिकारिक वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य है, जिसको लेकर पिछले साल अप्रैल में ही आदेश जारी किए गए थे, जबकि याचिकाकर्ता के वकील का कहना था कि चार अप्रैल 2020 को दिल्ली आपदा प्रबंधन अधिकरण तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी, जिसमें कहा गया था कि अकेले वाहन चला रहे व्यक्ति को मास्क पहनने की जरूरत नहीं है.

हाईकोर्ट में आज इसी तरह चार याचिकाओं पर सुनवाई हुई. इन चारों ही याचिकाओं में चालान को रद्द करने की मांग की गई है. साथ ही चालान राशि को वापस करने की मांग की गई है. दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ताओं के द्वारा मानसिक प्रताड़ना के लिए दस लाख रुपये का मुआवजा मांगा गया था.

ये भी पढ़ें: जिला योजना में 462 करोड़ 62 लाख रूपए की धनराशि स्वीकृत

spot_img

Related Articles

Latest Articles

पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन के साथ देवभूमि ने किया शिवभक्त कांवड़ियों का अभिनंदन

0
हरिद्वार/देहरादून। धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलवार को आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी...

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 5 करोड़ रू की वित्तीय...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद पौड़ी के विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर में विकासखण्ड द्वारीखाल के अन्तर्गत कठुड़ बड़ा, देवीखाल में स्थित माँ बाल...

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल के शानदार प्रदर्शन पर राष्ट्रपति, पीएम मोदी और...

0
नई दिल्ली।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ग्लासगो राष्‍ट्रमंडल खेलों में देश के खिलाड़ियों द्वारा बेहतरीन प्रदर्शन की सराहना करते हुए 13 स्वर्ण पदकों में...

असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल के तराई वाले क्षेत्र और सिक्किम में मूसलाधार बारिश का...

0
नई दिल्ली। मौसम विभाग ने असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल के तराई वाले क्षेत्र और सिक्किम में कल तक मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी...

कर्नाटक में मंत्रिमंडल का विस्तार, 19 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली

0
नई दिल्ली। कर्नाटक में मंत्रिमंडल का विस्‍तार किया गया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने  बेंगलुरु के लोक भवन में एक सादे समारोह में 19 विधायकों...