24 C
Dehradun
Wednesday, May 13, 2026


spot_img

कार है पब्लिक प्‍लेस, अकेले ड्राइवर को भी मास्‍क लगाना जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट |Postmanindia

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मास्क पहनने को लेकर महत्‍वपूर्ण टिप्‍पणी की है. कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मास्‍क को सुरक्षा कवच बताते हुए कहा, यदि कोई शख्‍स अकेले भी ड्राइव कर रहा है तो उसके लिए भी मास्‍क लगाना जरूरी है. हाईकोर्ट ने कहा, मास्‍क सुरक्षा कवच की तरह काम करता है जो COVID-19 के प्रसार को रोकने में सहायक है. इसके अलावा कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि,“वाहन को भी पब्लिक प्लेस माना जाएगा. जब ट्रैफिक सिग्नल पर कोई वाहन रुकता है तो कई बार वाहन चालक को अपनी साइड वाली खिड़की खोलनी पड़ती है. यह वायरस इतना प्रभावशाली है कि वह इस दौरान किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है.” इसके साथ ही कोर्ट ने “अकेले वाहन चलाते समय मास्क नहीं लगाने पर चालान होने की स्थिति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है.

क्या था मामला

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की बेंच याचिकाकर्ता वकील सौरभ शर्मा की उस दलील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें वकील ने दावा किया था कि वह 9 सितंबर 2020 को अकेला निजी कार चलाकर जा रहा था. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उसे रोका और मास्क न पहनने पर 500 रुपये का जुर्माना किया. इस दौरान पीठ ने कहा कि सरकार जो भी नियम लागू कर रही है, वह आपको सुरक्षित रखने के लिए कर रही है, इसलिए इसे अहम का विषय बनाने से सभी लोग बचें.

अपना निजी व आधिकारिक वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य: दिल्ली सरकार

पूर्व में इस मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया था कि अपना निजी व आधिकारिक वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य है, जिसको लेकर पिछले साल अप्रैल में ही आदेश जारी किए गए थे, जबकि याचिकाकर्ता के वकील का कहना था कि चार अप्रैल 2020 को दिल्ली आपदा प्रबंधन अधिकरण तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी, जिसमें कहा गया था कि अकेले वाहन चला रहे व्यक्ति को मास्क पहनने की जरूरत नहीं है.

हाईकोर्ट में आज इसी तरह चार याचिकाओं पर सुनवाई हुई. इन चारों ही याचिकाओं में चालान को रद्द करने की मांग की गई है. साथ ही चालान राशि को वापस करने की मांग की गई है. दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ताओं के द्वारा मानसिक प्रताड़ना के लिए दस लाख रुपये का मुआवजा मांगा गया था.

ये भी पढ़ें: जिला योजना में 462 करोड़ 62 लाख रूपए की धनराशि स्वीकृत

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सीबीआई ने नीट-यूजी 2026 कथित पेपर लीक मामले में केस दर्ज किया

0
नई दिल्ली। केंद्रीय अनवेष्‍ण ब्यूरो- (सी.बी.आई) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 के कथित पेपर लीक के संबंध में मामला दर्ज किया...

मुख्य न्यायाधीश ने देशभर की अदालतों के आधुनिकीकरण का खाका तैयार करने के लिए...

0
नई दिल्ली। सर्वोच्‍च न्‍यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने देश भर के न्यायालयों के आधुनिकीकरण का खाका तैयार करने के लिए न्यायमूर्ति अरविंद कुमार...

इंडियन फार्माकोपिया कमीशन ने तीन राज्य फार्मेसी परिषदों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर...

0
नई दिल्ली।  इंडियन फार्माकोपिया कमीशन-आईपीसी, गाजियाबाद ने बिहार राज्य फार्मेसी परिषद, महाराष्ट्र राज्य फार्मेसी परिषद और मिजोरम राज्य फार्मेसी परिषद के साथ तीन समझौता...

खेल विश्वविद्यालय को मिली वन भूमि डायवर्जन की अंतिम स्वीकृति

0
देहरादून। उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय के निर्माण को बड़ी प्रशासनिक सफलता मिली है। भारत सरकार के वन मंत्रालय द्वारा खेल विश्वविद्यालय के लिए...

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली SIR की तैयारियों के सम्बंध में समीक्षा बैठक

0
देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने मंगलवार को आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दृष्टिगत सचिवालय में सभी जनपदों जिलाधिकारियों के साथ...