24.6 C
Dehradun
Saturday, July 25, 2026


spot_img

कार है पब्लिक प्‍लेस, अकेले ड्राइवर को भी मास्‍क लगाना जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट |Postmanindia

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मास्क पहनने को लेकर महत्‍वपूर्ण टिप्‍पणी की है. कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मास्‍क को सुरक्षा कवच बताते हुए कहा, यदि कोई शख्‍स अकेले भी ड्राइव कर रहा है तो उसके लिए भी मास्‍क लगाना जरूरी है. हाईकोर्ट ने कहा, मास्‍क सुरक्षा कवच की तरह काम करता है जो COVID-19 के प्रसार को रोकने में सहायक है. इसके अलावा कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि,“वाहन को भी पब्लिक प्लेस माना जाएगा. जब ट्रैफिक सिग्नल पर कोई वाहन रुकता है तो कई बार वाहन चालक को अपनी साइड वाली खिड़की खोलनी पड़ती है. यह वायरस इतना प्रभावशाली है कि वह इस दौरान किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है.” इसके साथ ही कोर्ट ने “अकेले वाहन चलाते समय मास्क नहीं लगाने पर चालान होने की स्थिति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है.

क्या था मामला

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की बेंच याचिकाकर्ता वकील सौरभ शर्मा की उस दलील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें वकील ने दावा किया था कि वह 9 सितंबर 2020 को अकेला निजी कार चलाकर जा रहा था. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उसे रोका और मास्क न पहनने पर 500 रुपये का जुर्माना किया. इस दौरान पीठ ने कहा कि सरकार जो भी नियम लागू कर रही है, वह आपको सुरक्षित रखने के लिए कर रही है, इसलिए इसे अहम का विषय बनाने से सभी लोग बचें.

अपना निजी व आधिकारिक वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य: दिल्ली सरकार

पूर्व में इस मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया था कि अपना निजी व आधिकारिक वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य है, जिसको लेकर पिछले साल अप्रैल में ही आदेश जारी किए गए थे, जबकि याचिकाकर्ता के वकील का कहना था कि चार अप्रैल 2020 को दिल्ली आपदा प्रबंधन अधिकरण तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी, जिसमें कहा गया था कि अकेले वाहन चला रहे व्यक्ति को मास्क पहनने की जरूरत नहीं है.

हाईकोर्ट में आज इसी तरह चार याचिकाओं पर सुनवाई हुई. इन चारों ही याचिकाओं में चालान को रद्द करने की मांग की गई है. साथ ही चालान राशि को वापस करने की मांग की गई है. दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ताओं के द्वारा मानसिक प्रताड़ना के लिए दस लाख रुपये का मुआवजा मांगा गया था.

ये भी पढ़ें: जिला योजना में 462 करोड़ 62 लाख रूपए की धनराशि स्वीकृत

spot_img

Related Articles

Latest Articles

0
नई दिल्ली।  संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही नीट परीक्षा पेपर लीक और छात्र विरोध प्रदर्शन को लेकर लगातार पांचवें दिन भी विपक्ष के...

केंद्रीय मंत्रीमंडल ने पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक न्यायालय बनाने के लिए मसौदा विधेयक...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में फास्ट-ट्रैक न्यायालय बनाने और कड़ी सज़ा सुनिश्चित करने के लिए...

नेशनल परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों को किया बर्खास्त

0
नई दिल्ली। नेशनल परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और...

प्रदेश सरकार ने आईएएस अफसरों के दायित्वों में किया फेरबदल

0
देहरादून। प्रदेश सरकार ने 11 आईएएस, आईएफएस अफसरों के विभागों में फेरबदल किया है। इनमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। कार्मिक विभाग ने...

उरेड़ा का रिश्वतखोर परियोजना अधिकारी 40 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

0
देहरादून। विजिलेंस विभाग की टीम ने उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) बागेश्वर में तैनात परियोजना अधिकारी धीरेन्द्र सिंह पटवाल को 40 हजार रुपये...