11.9 C
Dehradun
Tuesday, January 27, 2026


spot_img

एंटीबायोटिक दवाओं पर आईसीएमआर की चौंकाने वाली रिपोर्ट

नई दिल्ली। एंटीबायोटिक दवाओं का अत्यधिक मात्रा में इस्तेमाल करने का असर दिखना शुरू हो गया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अध्ययन में चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। अध्ययन में कहा गया है कि भारत में रोगाणु एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति लगातार प्रतिरोधी क्षमता विकसित कर रहे हैं। ये दवाएं इन रोगाणुओं को खत्म करने में सक्षम नहीं रहीं। इससे संक्रमण का इलाज कठिन हो सकता है और रोग के प्रसार, एवं मृत्यु का खतरा बढ़ सकता है।
आईसीएमआर के अध्ययन में पाया गया है कि खून के संक्रमण या ब्लडस्ट्रीम इंफेक्शन (बीएसआई) के लिए जिम्मेदार दो प्रमुख रोगाणु क्लेबसिएला निमोनिया और एसिनेटोबैक्टर बाउमानी आइसीयू के मरीजों में एंटीबायोटिक इमिपेनेम के प्रति प्रतिरोधी पाए गए हैं। अस्पताल में होने वाला यह सबसे आम संक्रमण है।
इसके अलावा दो अन्य रोगाणु स्टैफिलोकोकस आरियस और एंटरोकोकस फेसियम क्रमश: एंटीबायोटिक दवाओं आक्सासिलिन और वैनकोमाइसिन के प्रति प्रतिरोधी पाए गए हैं। आईसीएमआर की वार्षिक रिपोर्ट 2023 के अनुसार बैक्टीरिया एसिनेटोबैक्टर निमोनिया के लिए जिम्मेदार रोगाणु है।
इस रिपोर्ट में भारत के 39 अस्पतालों से जनवरी 2023 से दिसंबर 2023 तक सामने आए बीएसआई, पेशाब की नली के संक्रमण (यूटीआई) और निमोनिया के उन मामलों के बारे में विस्तार से बताया गया है जिनमें मराजों के वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी। एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस (एएमआर) अध्ययन का नेतृत्व करने वाली आईसीएमआर की वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. कामिनी वालिया ने कहा कि इस रिपोर्ट में शामिल अस्पताल आईसीएमआर के एएमआर नेटवर्क का हिस्सा हैं।
डॉ. वालिया ने बताया कि यूटीआई के लिए जिम्मेदार रोगाणु ई. कोलाई और क्लेबसिएला निमोनिया व एसिनेटोबैक्टर बाउमानी में एंटीबायोटिक कार्बापेनम, फ्लोरोक्विनोलोन तथा सेफलोस्पोरिन के प्रति प्रतिरोध की उच्च दर देखी गई। पाइपेरासिलिन-टाजोबैक्टम और कार्बापेनम जैसे एंटीबायोटिक पिछले सात वर्षों में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), गहन चिकित्सा इकाई (आइसीयू) और वार्ड के मरीजों में अधिक प्रतिरोधी पाए गए हैं। इन एंटीबायोटिक का उपयोग ई कोलाई बैक्टीरिया के कारण होने वाले रक्त संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है। डॉ. वालिया ने बताया कि वर्ष 2023 में एसिनेटोबैक्टर बाउमानी में कार्बापेनम के प्रति प्रतिरोध 88 प्रतिशत दर्ज किया गया।

 

spot_img

Related Articles

Latest Articles

एमडीडीए का अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोज़र अभियान जारी, 40 बीघा क्षेत्रफल में की जा...

0
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में...

मुख्यमंत्री ने किया यूसीसी में योगदान देने वाले अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन में सराहनीय कार्य...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” को संबोधित किया। इस...

राष्ट्रगान की तरह ‘वंदे मातरम’ के लिए भी बनेगा प्रोटोकॉल? सरकार कर रही विचार

0
नई दिल्ली। जल्द ही आपको राष्ट्रगान 'जन गण मन' की तरह 'वंदे मातरम' के लिए भी खड़ा होना पड़ सकता है, क्योंकि सरकार राष्ट्रीय...

उत्तरकाशी व आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए

0
उत्तरकाशी। जनपद मुख्यालय उत्तरकाशी व आसपास के क्षेत्रों में सोमवार रात को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। जिससे लोग दहशत में आ...

1500 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता, पेलोड ले जाने में सक्षम… डीआरडीओ ने...

0
नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के...