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Thursday, July 9, 2026


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“साइबर एनकाउंटर्स” साइबर क्राइम के खिलाफ डिजिटल एनकाउंटर्स टिप्स के साथ लॉन्च किया गया बहुप्रतीक्षित हिंदी संस्करण

देहरादून: साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों को दर्शाती बहुप्रतीक्षित पुस्तक “साइबर एनकाउंटर्स” का हिन्दी संस्करण आज लांच किया गया। अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड एवं ओ0पी0 मनोचा, पूर्व डी0आर0डी0ओ0 वैज्ञानिक की पुस्तक का विमोचन सेंट जोसेफ अकादमी सभागार, देहरादून में आयोजित एक भव्य समारोह के बीच हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड, पुष्कर सिंह धामी जी रहे। उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल के0 रतूड़ी एवं दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 सुरेखा डंगवाल सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए डॉ. अलकनंदा अशोक, शक्ति मनोचा और डॉ0 पीयूष कुमार द्वारा सम्मान के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सहित समस्त सम्मानित अतिथियों को पौधे भेंट किए। मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। तत्पश्चात सेंट जोसेफ अकादमी के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई।

कविन्द्र सिंह मेहता (RJ काव्या) द्वारा कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन करते हुए समस्त अतिथियों एवं पाठकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पुस्तक के शॉर्ट वीडियो प्रोमो ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए डॉ पीयूष कुमार के आकर्षक स्वागत भाषण के साथ ही पुस्तक के सह-लेखक ओ0पी मनोचा ने साइबर एनकाउंटर्स पुस्तक के उद्देश्य और दायरे के बारे में बताया, साथ ही पाठकों को साइबर खतरों को समझने और मुकाबला करने में इस पुस्तक की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

दून विश्वविद्यालय की कुलपति, प्रो0 सुरेखा डंगवाल ने बताया कि आज के युग में किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे कीमती चीज उसका डेटा है । उन्होंने कहा कि समाज व पुलिस को साथ मिलकर सजग रहकर इस दिशा में कार्य करना है ताकि आमजन साईबर फ्रॉड से बच सकें । इसके अतिरिक्त उन्होंने साईबर अपराध की रोकने हेतु डिजीटली स्मार्ट युवाओं की आवश्यकता बतायी ।

अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा बताया कि तेजी से बदलती टेक्नॉलाजी के कारण पूरा जीवन आनलाइन हो गया है और कोविड-19 के कारण जीवन के हर सेगामेंट में तकनीक का दायरा भी बढ़ा गया है । साईबर अपराधियों का हजारों मील दूर होना, डिजीटल फुटप्रिन्ट का न होना मुख्य चुनौतियां बनकर सामने आयी है । इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि आम अपराधों की तुलना में साईबर क्राइम का ग्रॉफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है । उन्होंने कहा कि साईबर टिप्स के माध्यम से साईबर अपराधियों का डिजीटल एनकाउंटर्स कर साईबर अपराधों को रोका जा सकता है ।

पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल के. रतूड़ी ने कहा कि पुस्तक महत्वपूर्ण विषय के साथ ही काफी रोमांचक है । उनके द्वारा कानून प्रवर्तन और व्यक्तियों के लिए समान रूप से इसके महत्व को रेखांकित करते हुए पुस्तक की सामग्री पर अपने विशेषज्ञ दृष्टिकोण को साझा किया गया ।

पुस्तक विमोचन समारोह में मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल के0 रतूड़ी, डॉ0 पीयूष, डॉ0 अलकनंदा अशोक, शक्ति मनोचा अंकुश मिश्रा, सुनीता नेगी, काव्या, और चारुल शर्मा (संपादक) सहित एक विशिष्ट जनसमूह उपस्थित रहा। अतिथिगणों द्वारा मंच पर “साइबर एनकाउंटर्स” पुस्तक के हिंदी संस्करण का अनावरण किया, जो साइबर अपराधियों द्वारा साइबर स्पेस में उपयोग किए जाने वाले शार्टकटस् से आम जनता को रूबरू कराने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी में दोनों लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि “साइबर एनकाउंटर्स” पुस्तक गागर में सागर भरने का कार्य कर रही है । आज के दौर में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध के परिदृश्य में यह पुस्तक काफी प्रासंगिक है। साइबर क्राइम आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है और प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस चुनौती के सम्बन्ध में जनता को जागरूक करना इस पुस्तक की प्रासंगिकता को और बढ़ा देता है। उत्तराखण्ड पुलिस साइबर क्राइम से निपटने में बहुत अच्छा काम कर रही है और देश के कोने कोने से साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज रही है। साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूकता बहुत महत्वपूर्ण है ,यह पुस्तक साइबर क्राइम से संबंधित जागरूकता संदेश को जन-जन तक पहुंचाएगी।

समापन से पूर्व पुस्तक के लेखकों के साथ एक विशेष हस्ताक्षर सत्र हुआ, जिसमें लम्बी-लम्बी लाइन लगी थी। इसी क्रम में क्रार्यक्रम को आगे बढाते हुए युवाओं व लेखकों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें युवाओं के द्वारा आनलाइन गेंमिग, फेसबुक पर कम उम्र के बच्चों द्वारा प्रोफाइल बनाने, ब्रेन वास से सम्बन्धित सवाल किये गये । साथ ही युवाओं के द्वारा साईबर अपराधों को रोकने के लिए पुलिस का सहयोगी बनने का सुझाव दिया गया । इसी क्रम में प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक में साईबर एजुकेशन को शामिल करने का सुझाव दिया गया । युवाओं के सवालों के जवाब देते हुए डी0जी0पी0 अशोक कुमार ने युवाओं से पुलिस के साथ मिलकर साईबर वॉरियर बन आम लोगों की मदद करने की अपील की । कार्यक्रम का समापन डॉ. अलकनंदा अशोक द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

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