23.2 C
Dehradun
Thursday, March 12, 2026


spot_img

उत्तराखण्ड के तीन एनसीसी कैडेट्स ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर किया आरोहण

देहरादून। साहस, दृढता और अनगिनत चुनौतियों को पार करने की अदभुत मिसाल पेश करते हुए उत्तराखण्ड के तीन युवा राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट्स ने दुनिया की सबसे ऊॅंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक आरोहण की है। इन युवाओं ने यह ऐतिहासिक  उपलब्धि 18 मई 2025 को प्राप्त की जो यह सिद्ध करती है कि जब सपनों में विश्वास और कठिन परिश्रम होता है तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। इन साहसी युवा पर्वतारोहियों-कैडेट वीरेन्द्र सामन्त, 29 उत्तराखण्ड वाहिनी राष्ट्रीय कैडेट कोर, देहरादून, कैडेट मुकुल बंगवाल, 4 उत्तराखण्ड वाहिनी राष्ट्रीय कैडेट कोर, पौडी, कैडेट सचिन कुमार, 3 उत्तराखण्ड वाहिनी राष्ट्रीय कैडेट कोर, उत्तरकाशी ने दुनिया की सबसे ऊॅंची पर्वत चोटी पर चढ़ाई कर न केवल अपने व्यक्तिगत साहस को परखा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि भारत के युवा अगर ठान लें तो कोई भी चुनौती उनके रास्ते में नहीं आ सकती।
इस सफलता पर कैडेट वीरेन्द्र सामन्त ने कहा कि यह हमारी जीत नहीं है, यह हर उस युवा की जीत है जो सपने देखता है। हमने कड़ी चुनौतियों का सामना किया लेकिन हर कदम पर हमें अपने आप पर, अपनी टीम पर और इस सपने को पूरा करने पर विश्वास था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा कैडेट्स को उनकी सफलता पर बधाई देते हुये उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल इन कैडेट्स की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की है। उनका साहस और समर्पण देश के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उनकी सफलता एन0सी0सी के मूल्यों, अनुशासन, टीमवर्क और उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयास का प्रतीक है।
उत्तराखण्ड एन0सी0सी0 के अपर महानिदेशक, मेजर जनरल रोहन आनन्द, सेना मेडल ने कहा कि यह अभियान एन0सी0सी0 के द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को साहसिक खेलों, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता के प्रति प्रेरित करना है। इस कठिन यात्रा में इन कैडेट्स ने न केवल विपरीत मौसम का सामना किया, बल्कि मानसिक और शारीरिक थकावट को भी पार किया।  फिर भी उनके अथक प्रयासों और टीमवर्क ने उन्हें सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि एन0सी00सी0 में हम हमेशा कहते हैं कि नेतृत्व कठिन समय में ही पैदा होता है।  इन युवा पर्वतारोहियों ने इस सिद्धांत को अपने कार्यों से साबित किया है। इन कैडेट्स ने जो किया है वह भावी पीढ़ी को प्रेरित करेगा, ताकि वे अपने डर को पार कर सकें और असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकें। उन्होंने कहा, यह सफलता सिर्फ इन कैडेट्स की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की है। उनकी यात्रा हमारे युवा शक्ति, एकता की ताकत और असंभव को संभव बनाने की अदम्य इच्छा का प्रतीक है। इस यात्रा में इन कैडेट्स को अनुभवी पर्वतारोहियों, प्रशिक्षकों और एन0सी0सी0 के मार्गदर्शकों का पूरा सहयोग प्राप्त था। इसके अलावा, उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड, भारतीय सेना की पर्वतारोहण टीम और स्थानीय संगठनों ने इस अभियान की सफलता में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये...

0
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने हल्द्वानी के गोलापार क्षेत्र में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय और उससे जुड़ी खेल अवसंरचना परियोजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए...

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष ने आईआईटी रुड़की की पम्प्ड स्टोरेज जलविद्युत पर रिपोर्ट...

0
देहरादून। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के चेयरपर्सन घनश्याम प्रसाद ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में पंप्ड स्टोरेज हाइड्रोपावर (पीएसपी) की महत्वपूर्ण भूमिका को...

मिलावटखोरों पर और कसेगा सरकार का शिकंजा, हर माह एक सप्ताह का विशेष अभियान...

0
देहरादून। जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर धामी सरकार का शिकंजा अब और कसेगा। त्योहारों के समय ही नहीं, बल्कि हर माह...

असम दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी और अमित शाह, 10 हजार करोड़ की विकास...

0
नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 और 14 मार्च को असम के दो दिवसीय दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरान वे राज्य को...

पूर्व सीएम फारूख अब्दुल्ला पर हमला, फायरिंग में बाल-बाल बचे; डिप्टी सीएम चौधरी भी...

0
जम्मू: नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग का मामला सामने आया है। हमला उस वक्त हुआ जब वे जम्मू के...