20.2 C
Dehradun
Saturday, March 28, 2026


spot_img

उत्तर भारत के की टॉप यूनिवर्सिटी ग्राफ़िक एरा में अब हिंदी में हो सकेगी इंजीनियरिंग | Postmanindia

उत्तराखंड और अन्य राज्यों के हिंदीभाषी युवाओं के लिए इंजीनियरिंग करके भविष्य संवारने की एक राह खुल गई है. अपने सामाजिक सरोकारों और विश्व स्तरीय शिक्षा के लिए पहचानी जाने वाली ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी को केंद्र सरकार ने इसके लिए चुना है. नैक में ए ग्रेड पाने और देश के टॉप सौ विश्वविद्यालयों की केंद्र सरकार की सूची में स्थान पाने के बाद यह ग्राफिक एरा की एक बड़ी कामयाबी है. केंद्र सरकार ने ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी को देश के उन 14 चुनिंदा संस्थानों में शामिल किया है, जहां अब क्षेत्रीय भाषा में भी इंजीनियरिंग की पढ़ायी कराई जाएगी. केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्विट करके AICTE के इस फैसले की सराहना की है और इसे नई शिक्षा नीति से जुड़ा कदम बताया है. AICTE ने हिंदी के साथ ही क्षेत्रीय भाषाओं मराठी, तमिल, तेलगु, कन्नड, गुजराती, मलयालम, बंगाली, असमी, पंजाबी और उडिया में इंजीनियरिंग की पढ़ायी शुरू करने के लिए यह कदम उठाया है.

graphic era chairman sir

AICTE ने आठ राज्यों के 14 संस्थानों को इन भाषाओं में इंजीनियरिंग की शिक्षा शुरू करने की अनुमति दी है. उत्तराखंड राज्य से केवल ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी को इस नई पहल के लिए चुना गया है. देश भर में ग्राफिक एरा को सबसे ज्यादा 180 सीटों पर यह शुरूआत करने के लिए अधिकृत किया गया है. ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में कम्पयूटर साईंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स अब साठ-साठ सीटों के साथ हिंदी में भी चलाये जाएंगे. AICTE ने उ.प्र., राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनिंदा संस्थानों को यह अवसर दिया है. ग्राफिक एरा एजुकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. कमल घनशाला ने ए.आई.सी.टी.ई. की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे हिंदी माध्यम से शिक्षा पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए सूचना प्राद्योगिकी, कम्प्यूटर साईंस इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्र खुल गए हैं. हिंदी माध्यम से 12वीं तक की शिक्षा पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए हिंदी में इंजीनियरिंग करने के अवसर न होने के कारण उन्हें मजबूरन दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ता था. इस कारण काफी प्रतिभाशाली युवाओं का इंजीनियर बनने का सपना पूरा नहीं हो पाता था. अब ऐसी प्रतिभाएं भी कामयाबी के नए आयाम स्थापित कर सकेंगी. डॉ. घनशाला ने बताया कि इसी सत्र में हिंदी माध्यम से भी इंजीनियरिंग की शिक्षा शुरू की जाएगी. इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं.

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सीबीआई ने सिम कार्ड साइबर धोखाधडी के सिलसिले में छह स्‍थानों पर छापे मारे...

0
नई दिल्ली: केंद्रीय अनवेषण ब्‍यूरो ने सिम कार्ड साइबर धोखाधडी के सिलसिले में छह स्‍थानों पर छापे मारे हैं और दो अभियुक्‍तों को गिरफ्तार...

PM की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक: राज्यों को सप्लाई चेन दुरुस्त रखने के निर्देश,...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। यह बैठक डिजिटल माध्यम से हुई। बैठक में पश्चिम एशिया...

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सच्ची पत्रकारिता को निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और समाज के व्यापक हितों...

0
नई दिल्ली: रामनाथ गोयनका पत्रकारिता उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में उपराष्ट्रपति ने जवाबदेही सुनिश्चित करके लोकतंत्र को मज़बूत करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका का...

सरकार ने नए सिरे से मंत्रियों को बांटे जिलों के प्रभार

0
देहरादून। कैबिनेट विस्तार के बाद अब सरकार ने नए सिरे से सभी मंत्रियों को जिलों के प्रभारी मंत्री बना दिए हैं। नियोजन विभाग ने...

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने ली विभाग की समीक्षा बैठक

0
देहरादून। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा...