बलूचिस्तान: पाकिस्तान की सेना ने अशांत बलूचिस्तान प्रांत में बंधक बनाए गए सभी ट्रेन यात्रियों को छुड़ा लिए जाने का दावा किया है। सेना ने कहा कि बलूच विद्रोहियों ने बंधक बनाए गए 21 यात्री और चार सैनिक मारे गए हैं। इससे पहले, सुरक्षा बलों ने 190 यात्रियों को छुड़ाए जाने की बात कही थी। वहीं, ट्रेन को अगवा करने वाले बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 50 बंधकों की हत्या करने का दावा किया था।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने बुधवार को मीडिया को बताया कि सुरक्षा बलों ने घटनास्थल पर मौजूद सभी 33 विद्रोहियों को मारकर और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचाकर ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को विद्रोहियों ने जब ट्रेन पर हमला किया था तब 21 यात्रियों की हत्या कर दी थी। यह भी बताया कि इस घटना में चार अर्धसैनिक फ्रंटियर कोर के जवान भी मारे गए। हालांकि, पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने कहा था कि ट्रेन पर हमले में 70-80 विद्रोही शामिल थे। गौरतलब है कि मंगलवार को क्वेटा से पेशावर के लिए रवाना हुई जफर एक्सप्रेस को विद्रोहियों ने गुडलार और पीरू कुनरी की पहाड़ी इलाकों के पास एक सुरंग में बंधक बना लिया था। विद्रोहियों ने पटरी को उड़ा दिया और ट्रेन के रुकते ही उस पर कब्जा जमा लिया था। नौ डिब्बों की ट्रेन में 400 से अधिक यात्री सवार थे। बीएलए ने हमले की जिम्मेदारी ली थी और 214 यात्रियों को बंधक बनाने का दावा किया था। साथ ही सैन्य कार्रवाई पर सभी बंधकों की हत्या करने की धमकी दी थी। बीएलए ने बंधकों के बीच अपने आत्मघाती दस्ते के सदस्यों को बिठा दिया था, जिन्होंने सुसाइड जैकेट पहन रखी थी। इससे सुरक्षा बलों को बंधकों को मुक्त कराने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने कहा था कि ट्रेन को अगवा करने वाले लड़ाके सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। उसी के जरिये वे अपने हैंडलरों से संपर्क में थे। बीएलए ने मंगलवार को धमकी दी थी कि यदि अधिकारी बलूच राजनीतिक कैदियों, कार्यकर्ताओं और लापता व्यक्तियों को 48 घंटे की भीतर रिहा नहीं करते हैं तो वे बंधकों को मारना शुरू कर देंगे। उनका कहना था कि इन लोगों को सेना ने अगवा कर लिया है। ट्रेन में सवार एक लड़ाके ने एक टेलीग्राम संदेश में कहा था कि हम अपनी मातृभूमि के लिए अपना खून बहा रहे हैं। इस संदेश में खनिज समृद्ध बलूचिस्तान के लोगों से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ समूह की लड़ाई में शामिल होने का आग्रह किया गया। मंगलवार सुबह 9 बजे क्वेटा से पेशावर के लिए रवाना हुई जफर एक्सप्रेस को बीएलए के लड़ाकों ने दोपहर 1:30 बजे सिब्बी रेलवे स्टेशन से पहले अपने कब्जे में ले लिया था। लड़ाकों ने बोलान में माशफाक टनल के पास रेल पटरी उड़ा दी थी और ट्रेन के रुकते ही उस पर कब्जा कर लिया था। बीएलए ने 30 पाकिस्तान सैनिकों को मार गिराने का दावा किया था। बीएलए ने मंगलवार को धमकी दी थी कि यदि अधिकारी बलूच राजनीतिक कैदियों, कार्यकर्ताओं और लापता व्यक्तियों को 48 घंटे की भीतर रिहा नहीं करती है तो वे बंधकों को मारना शुरू कर देंगे। उनका कहना है कि इन लोगों को सेना ने अगवा कर लिया है। ट्रेन में सवार इसके एक लड़ाके ने एक टेलीग्राम संदेश में कहा, “कामरेड आपके लिए, इस मातृभूमि के लिए अपना खून बहा रहे हैं।” इस संदेश में खनिज समृद्ध बलूचिस्तान के लोगों से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ समूह की लड़ाई में शामिल होने का आग्रह किया गया।
पाकिस्तान में बंधक बनाए गए ट्रेन यात्री छुड़ाए गए; सभी बलूच लड़ाके मार गिराने का दावा
Latest Articles
ईरान पर होगा बड़ा हमला, ब्रिटिश ठिकानों पर अमेरिकी बी-2 स्टील्थ बमवर्षकों की तैनाती...
नई दिल्ली। अमेरिकी स्टील्थ बमवर्षक विमानों के ब्रिटेन के हवाई अड्डों पर पहुंचने की आशंका बढ़ गई है, ठीक उसी समय जब राष्ट्रपति डोनाल्ड...
यूपीएससी के 10 चमकते चेहरे, किसी ने MBBS की तो कोई है आईआईटीयन
नई दिल्ली। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित हो चुका है। राजस्थान के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने इस परीक्षा में...
चुनाव से पहले भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ तेज, भ्रष्टाचार और कट-मनी के खिलाफ बदलाव...
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी की 'परिवर्तन यात्रा' पूरे राज्य में तेजी से आगे बढ़ रही है।...
राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उत्तराखंड में सार्वजनिक स्थानों पर जुआ...
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह शनिवार को हरिद्वार में ‘जन-जन की सरकार: चार साल बेमिसाल’...
देहरादून: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार, 7 मार्च 2026 को हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम ‘जन-जन की सरकार : चार साल बेमिसाल’...















