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Monday, March 16, 2026


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ट्रंप ने फोड़ा एक और टैरिफ बम, अमेरिका के बाहर बनने वाली फिल्मों पर लगाया 100 फीसदी शुल्क

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक और टैरिफ बम फोड़ दिया है। ट्रंप ने अमेरिका के बाहर बनने वाली फिल्मों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इसे भारत समते दुनिया के कई देशों के सिनेमा उद्योग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे पहले ट्रंप ने दूसरे देशों से आने वाली दवाओं पर भी 100 फीसदी टैरिफ लगाने का एलान किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि विदेशी कंपनियों ने अमेरिकी मूवी उद्योग को ‘चोरी’ किया है। यह कदम हॉलीवुड और वैश्विक फिल्म उद्योग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि हमारा मूवी निर्माण व्यवसाय अमेरिका से चोरी किया गया है, बिलकुल वैसा जैसे बच्चे से कैंडी चोरी करना। उन्होंने कैलिफोर्निया के गवर्नर को कमजोर और अक्षम बताया और कहा कि यही कारण है कि यह राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समस्या का समाधान करने के लिए अब विदेशी फिल्मों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा।
ट्रंप ने मई में इस तरह के टैरिफ का विचार पहले भी व्यक्त किया था, लेकिन उस समय उन्होंने विवरण नहीं बताया था। इस घोषणा के बाद एंटरटेनमेंट दिग्गजों के शेयर प्री-मार्केट ट्रेडिंग में गिरावट दिखाने लगे। नेटफ्लिक्स के शेयर 1.4 प्रतिशत और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के शेयर 0.6 प्रतिशत गिर गए। हॉलीवुड स्टूडियोज और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म अब इस नीति के प्रभाव को समझने में लगे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उत्तर कैरोलाइना सहित अमेरिका के फर्नीचर उद्योग को चीन और अन्य देशों से हुए नुकसान को देखते हुए विदेशी देशों पर भारी टैरिफ लगाया जाएगा। उनका उद्देश्य अमेरिकी फर्नीचर उद्योग को पुनर्जीवित करना और घरेलू उत्पादन बढ़ाना है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जो भी देश अपने फर्नीचर अमेरिका में नहीं बनाएगा, उस पर टैरिफ लगाया जाएगा। इस नीति के विस्तृत विवरण बाद में साझा किए जाएंगे।
विश्लेषकों का कहना है कि 100 प्रतिशत टैरिफ से अमेरिकी सिनेमाघरों में विदेशी फिल्मों की लागत दोगुनी हो सकती है। इससे दर्शकों को उच्च कीमत चुकानी पड़ सकती है और वैश्विक वितरण नेटवर्क प्रभावित होगा। हॉलीवुड निर्माता अमेरिकी बाजार में विदेशी फिल्मों की बिक्री और साझेदारी पर पुनर्विचार करने को मजबूर हो सकते हैं।
विदेशी फिल्म निर्माता और वितरक इस फैसले से चिंतित हैं। कई देशों के उद्योग समूह ने इसे व्यापार में हस्तक्षेप और वैश्विक सहयोग के लिए हानिकारक बताया है। विश्लेषकों का कहना है कि इससे वैश्विक फिल्म उद्योग में प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है और कई प्रोडक्शन परियोजनाओं पर असर पड़ेगा।, हॉलीवुड स्टूडियोज और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समुदाय इस कदम का विरोध या समर्थन कैसे करते हैं। यह नीति अमेरिका के फिल्म उद्योग और वैश्विक मनोरंजन बाजार पर दीर्घकालीन प्रभाव डाल सकती है।

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