18.8 C
Dehradun
Tuesday, April 7, 2026


spot_img

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने  तीन नए आपराधिक कानूनों के उत्तराखंड में क्रियान्वयन की समीक्षा की

देहरादून: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज तीन नए आपराधिक कानूनों – भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 के उत्तराखंड राज्य में क्रियान्वयन में की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों और त्वरित क्रियान्वयन की प्रशंसा की। केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह  आज नई दिल्ली में आयोजित बैठक में तीन नए आपराधिक कानूनों के उत्तराखंड में क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में बताया कि उत्तराखंड राज्य में तकनीकी एकीकरण जैसे कि ई-साक्ष्य, ई-कोर्ट और ई-समन का सफल एकीकरण किया गया है। इन प्रौद्योगिकियों के प्रभावी उपयोग ने न्याय प्रणाली को तेज, पारदर्शी, और प्रभावी बनाया है। मेडलीप्र (MedLEaPR) के माध्यम से चिकित्सा और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच तालमेल बनाया गया है। मुकदमों के निस्तारण में प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि अदालतों द्वारा मामलों के शीघ्र निस्तारण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है। 41% मामलों का निपटान और दोषसिद्धि दर प्रभावी न्याय प्रणाली का प्रमाण है।

कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण और जनशक्ति विकास के अंतर्गत 23,000 से अधिक पुलिस कर्मियों और अभियोजकों का सफल प्रशिक्षण  किया गया है। उत्तराखंड हिंदी भाषा में एआई (Artificial Intelligence) आधारित कोर्स तैयार करने वाला पहला राज्य है। नए तीन कानूनों के संबंध में जन जागरूकता अभियान संचालित किए गए है।सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए नुक्कड़ नाटक, चौपाल, और सेमिनार जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए।
केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य सरकार को ऑनलाइन तंत्र के क्रियान्वयन से हुई लागत में बचत का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्य में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सुविधाओं की संख्या बढ़ाने का भी सुझाव दिया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में न्याय प्रक्रिया को और सुलभ बनाया जा सके। बैठक के दौरान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास में भारत सरकार से समर्थन का अनुरोध किया। गृह मंत्री ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए राज्य को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। समीक्षा बैठक में भारत सरकार के गृह सचिव के साथ ही उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (कानून), सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, उपमहानिरीक्षक उपस्थित थे। बैठक में महानिदेशक  बीपीआरएनडी (Bureau of Police Research and Development), गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारी भी मौजूद थे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

भारतीय सेना ने मानवरहित हवाई प्रणाली और मंडराने वाली युद्धक सामग्री के लिए प्रौद्योगिकी...

0
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने आज मानवरहित हवाई प्रणाली और मंडराने वाली युद्धक सामग्री के लिए प्रौद्योगिकी रोडमैप का अनावरण किया। यह पहल मानवरहित...

राज्यसभा के सभापति ने मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग के प्रस्‍ताव...

0
नई दिल्ली। राज्यसभा अध्यक्ष सी पी राधाकृष्णन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी सांसदों द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को खारिज...

सरलीकरण, प्रौद्योगिकी और पारदर्शिता से भारत की कर प्रणाली सशक्त हुई: वित्तमंत्री

0
नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि भारत की कर प्रणाली सरलीकरण, प्रौद्योगिकी, विश्वास और पारदर्शिता की दिशा में विकसित हुई है,...

घरेलू गैस सिलेण्डरों का बैकलॉग समाप्त करें कंपनियांः मुख्य सचिव

0
देहरादून। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य एवं आगामी चारधाम यात्रा तथा पर्यटन सीजन को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों एवं तेल...

राज्यपाल ने कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

0
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने यू.पी.ई.एस. विश्वविद्यालय, देहरादून में ‘बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग सेंटर’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर...